UPSSSC Exam 2018- एसटीएफ की ताबड़तोड़ छापेमारी, दो सॉल्वर गिरफ्तार

UPSSSC Exam 2018- एसटीएफ की ताबड़तोड़ छापेमारी, दो सॉल्वर गिरफ्तार

| Updated: 22 Dec 2018, 04:49:05 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

जानकीपुरम से सॉल्वर मनीष को गिरफ्तार किया गया। वह बिहार के आरा का रहने वाला है।

लखनऊ. यूपी में नकल माफिया पहले से ही बोर्ड और सरकार की नाक में दम किए हुए थे। ऊपर से सॉल्वर गिरोह का बड़ा नेटवर्क अब नई चुनौती बनकर सामने आया है। यह गिरोह लंबे समय से संचालित है और पूरे देश में इनका जाल फैला हुआ है।
यूपीएसएसएससी द्वारा पूरे प्रदेश में शनिवार को आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समाज कल्याण पर्यवेक्षक प्रतियोगी परीक्षा 2018 को लेकर यूपी एसटीएफ ने राजधानी लखनऊ में छापेमारी कर दो सॉल्वरों को गिरफ्तार किया है। वहीं गोरखपुर में भी एक साल्वर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सॉल्वरों से पूछताछ कर रही है।
शनिवार को लखनऊ के कृष्णा कान्वेंट इंटर कॉलेज जानकीपुरम से सॉल्वर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया। वह बिहार के आरा का रहने वाला है। मनीष अभ्यर्थी राजू पटेल निवासी सांगीपुर, प्रतापगढ़ की जगह परीक्षा दे रहा था। इसके अलावा एक अन्य सॉल्वर सत्येंद्र कुमार जो कि जहानाबाद बिहार का रहने वाला है को महानगर इण्टर कॉलेज लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। सत्येंद्र अभ्यर्थी कुलदीप यादव निवासी जमालपुरी सुजाली की जगह परीक्षा दे रहा था। इसके अलावा एक सॉल्वर की गिरफ्तारी गोरखपुर से हुई है।

सॉल्वर मनीष कुमार
आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि परीक्षा के लिए आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, सहारनपुर व वाराणसी में केंद्र बनाए गए थे।

कुछ दिन पहले कानपुर में भी पकड़ गए थे कई सॉल्वर

सॉल्वर गिरोह का बड़ा नेटवर्क अब नई चुनौती बनकर सामने आया है। यह गिरोह लंबे समय से संचालित है और पूरे देश में इनका जाल फैला हुआ है। कुछ दिन पहले कानपुर में पकड़े गए सॉल्वर दुर्गेश और नितीश इस तालाब की छोटी मछलियां हैं। जिनके जरिए एसटीएफ अब गिरोह के सरगना के गिरेबां तक पहुंचने की कोशिश में है।

कोलकाता और बिहार में भी दी परीक्षाएं
सॉल्वर गिरोह के दोनों गुर्गे इससे पहले कोलकाता और बिहार में भी परीक्षाएं दे चुके हैं। इंटर के साथ रेलवे की परीक्षा में भी इन्होंने फर्जीवाड़ा किया। शातिरों का गिरोह पूरे देश में फैला हुआ है। वह सॉल्वर भेजकर खुलेआम फर्जीवाड़ा कराते थे। हालांकि सॉल्वरों ने बताया कि वह ग्रुप से अभी नए-नए जुड़े हैं। इसीलिए वह बिहार से बाहर सिर्फ दो-दो बार ही परीक्षा दे चुके हैं। बाकी अन्य सॉल्वर कई परीक्षाएं दे चुके हैं। पकड़े गए सॉल्वरों ने अभी तक ज्यादातर इंटर की परीक्षा ही सबसे ज्यादा बार दी है।

बिहार और प्रयागराज पर एसटीएफ की नजर
एसटीफ गिरोह के अन्य लोगों को तलाशने के लिए जल्द ही बिहार व प्रयागराज जाएगी। दोनों सॉल्वरों मिली अहम जानकारियों के आधार पर एसटीएफ ने इनके नेटवर्क पर नजर गढ़ा दी है। गिरोह का सरगना कनक स्टूडियो चलाता है। उसका मुसहलमपुर हॉट पटना में कनल डिजिटल स्टूडियो है। वह फर्जी आईडी व आधार नंबर बनाने के साथ ही मिक्सिंग करके एडमिट कार्ड में लगने वाली फोटो तैयार करता था। इसमें सॉल्वर व अभ्यर्थी को मिलाकर फोटो तैयार की जाती थी। जिससे किसी को शक न हो और आराम से सॉल्वर परीक्षा देकर लौट सके।

कई लोगों की नौकरी खतरे में
शातिर कई लोगों की परीक्षा दे चुके हैं। ऐसे में गिरोह के जरिए सॉल्वर बैठाकर विभागों में नौकरी पाने वालों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। उनकी नौकरी भी जा सकती है। ऐसे में सॉल्वरों के जरिए पास होकर नौकरी पाने वालों की चिंता बढ़ गई है।

पास कराने के लिए लेते थे मोटी रकम
गिरोह के सरगना एक परीक्षा पास कराने के लिए पांच से छह लाख रुपए की डील करते थे। पकड़े गए सॉल्वरों की ओर से अभी तक दी गई दो परीक्षाओं के बदले में उनको 10-10 हजार रुपए प्रति परीक्षा मिला था। अब गिरोह को दुर्गेश और नीतिश पर पूरा भरोसा हो गया था। इसलिए उनको एक परीक्षा के बदले में 70 हजार रुपए मिलने थे। दोनों सॉल्वरों को सरगना की ओर से 10-10 हजार रुपए एडवांस में दिए गए थे। बाकी परीक्षा देकर लौटने के बाद मिलना था।

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