यूपी की राजनीति में बड़ा सवाल क्या अब कांग्रेस को महागठबंधन का हिस्सा बनाएंगे अखिलेश-मायावती

यूपी की राजनीति में बड़ा सवाल क्या अब कांग्रेस को महागठबंधन का हिस्सा बनाएंगे अखिलेश-मायावती

| Publish: Dec, 12 2018 04:32:04 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी की राजनीति में बड़ा सवाल क्या अब कांग्रेस को महागठबंधन का हिस्सा बनाएंगे अखिलेश-मायावती

लखनऊ. राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणामों ने यूपी में कांग्रेस को संजीवनी दे दी है। हाशिए पर पड़े संगठन में मंगलवार से नया जोश दिखाई पड़ रहा है। वहीं अब रणीनितिकारों की निगाह 2019 आम चुनाव से पहले होने वाले महागठबंधन पर टिक गई हैं। दरअसल कांग्रेस की जीत से बीजेपी के साथ सपा और बसपा को भी कम झटका नहीं लगा है। यूपी में दोनों क्षेत्रीय दल कांग्रेस को भाव नहीं दे रहे थे। गठबंधन से भी दूर रखा था। मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी सपा, बसपा ने कांग्रेस को झटका देने की पूरी कोशिश की। अखिलेश यादव और मायावती ने कांग्रेस के खिलाफ तीखे बयान दिए थे लेकिन अब स्थिति बदलेगी।

कांग्रेस में अभी दो पक्ष

कांग्रेस में महागठबंधन को लेकर दो तरह की बातें चल रही हैं। एक तरफ कई नेता गठबंधन के पक्ष में है तो वहीं दूसरी तरफ कई नेता सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्षधर दिख रहे हैं। उनका तर्क है कि साल 2009 में कांग्रेस ने सबको चौंकाते हुए यूपी में सबसे अधिक 22 सीटें जीती थीं। ऐसे में इस बार भी सभी सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि गठबंधन में एक तिहाई तो हिस्सा मांगेगी ही। कम से कम 20 सीटें तो दी ही जाएं । 2014 आम चुनाव में जहां कांग्रेस नंबर 2 या नंबर 3 पर रही थी वहां इस बार कांग्रेस सपा-बसपा के समर्थन से लड़े। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर की ओर से कोई अधिकारिक बयान इस पर नहीं आया है लेकिन पांच राज्यों से के चुनाव से पहले तक वह भी गठबंधन के पक्षधर थे। कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा का कहना है कि तीन राज्यों की जीत से निश्चित तौर पर कांग्रेस को यूपी में बल मिला है लेकिन महागठबंधन पर फैसला आलाकमान को करना है।

सपा-बसपा कर सकते हैं रणनीति में परिवर्तन

अभी तक सपा-बसपा कांग्रेस पर लेकर तंज कसते आ रहे थे लेकिन तीन राज्यों की जीत के बाद अब दोनों दलों की रणनीति बदलेगी। हालांकि सूत्रों की मानें तो अब सब कुछ मायावती पर निर्भर करता है। अगर वह कांग्रेस को साथ लेती है तो अपनी सीटों की कीमत पर ऐसा करेगी। यदि नहीं तो कांग्रेस के अकेले लड़ने पर उससे कैसे निपटेगी। खासतौर से मुस्लिम और दलित वोटों को बचाने के लिए क्या करेंगी। लखनऊ यूनिवर्सिटी के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर कविराज का कहना है कि अगर विपक्षी दलों को आम चुनाव में बीजेपी को टक्कर देनी है तो यूपी में महागठबंधन जरूरी है। ऐसे में तीनों दलों (कांग्रेस, सपा,बसपा) को साथ आना पड़ेगा।

सीट बंटवारे का गणित नहीं आसान

यूपी में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं। सूत्रों की मानें तो बहुजन समाज पार्टी कम से कम 40 सीटों पर दावा करती आई है। ऐसे में बाकि 40 सीटें सपा, कांग्रेस व आरएलडी में बांटना आसान नहीं होगा। अगर बसपा 30-35 तक मान जाए तो गठबंधन की संभावनाएं ज्यादा हैं। इसके एक कारण ये भी है कि सपा की ओर से अभी सीटों को लेकर दावा नहीं किया गया है। ऐसे में महागठबंधन होने के चांस अभी भी बरकरार हैं। वहीं कांग्रेस अगर 10- 15 सीटों के बीच मान जाए तो भी महागठबंधन हो सकता है लेकिन यूपी की राजनीति में अब बड़ा सवाल तो खड़ा हो ही गया है कि क्या अब अखिलेश-मायावती कांग्रेस को महागठबंधन का हिस्सा बनाएंगे ।

 

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