इन भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, सब पर होगी कार्रवाई, बनाई गई सूची

इन भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, सब पर होगी कार्रवाई, बनाई गई सूची

Abhishek Gupta | Publish: Nov, 14 2017 05:05:03 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर नकेल कसने की तैयारी पूरी कर ली है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर नकेल कसने की तैयारी पूरी कर ली है। अब ड्यूटी पर लापरवाही, अनुशासनहीन और अयोग्य पुलिस अफसरों पर बीजेपी सरकार का डंडा चलने वाला है और आज हुई बैठक में एक कमेटी का गठन किया गया है। दरअसल सीएम योगी के निर्देश पर विभिन्न विभागों में 50 वर्ष से ऊपर के निकम्मे अफसरों, कर्मचरियों को अनिवार्य रूप से रिटायर किया जा रहा है। इस कड़ी में अभी तक यूपी में दो दर्जन से भी अधिक अधिकारी सेवानिवृत्त किये जा चुके हैं।

इसी क्रम में अब यूपी सरकार ने आईएएस अफसरों की स्क्रीनिंग के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। ये कमेटी ऐसे अफसरों की खोज करेगी, जो 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं साथ ही भ्रष्ट, लापरवाह, अनुशासनहीन व अयोग्य हैं। इसमें सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रवेश से लेकर तमाम चीजों पर गौर किया जाएगा। इन लोगों की सूची तैयार कर ली गई है और अब स्क्रूटिनी की जाएगी।

इन पर गिरेगी गाज-

उत्तर प्रदेश में कुल 621 आईएएस अफसर हैं। कमेटी 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के आईएएस अफसरों की एसीआर के आधार पर स्क्रीनिंग करेगी। वहीं यूपी के करीब-करीब एक तिहाई पीपीएस अधिकारियों को जबरन रिटायर करने की भी तैयारी हो गई है। लगभग 1200 पीपीएस अधिकारियों के कैडर में से 434 एएसपी और डिप्टी एसपी इस सूची में शामिल हैं। इस माह नवम्बर की शुरूवात में 118 अपर पुलिस अधीक्षक और 316 के सर्विस रिकार्ड पर चर्चा की गई। वहीं 50 वर्षों की आयु वाले दागी सैकड़ों पुलिस कर्मियों के ऊपर जांच चलनी बताई जा रही थी।

ये होंगे कमेटी के सदस्य-

सरकार द्वारा बनाई गई इस कमेटी की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार करेंगे। वहीं अनु बधावन (उत्तराखंड कैडर के आईएएस), सुरेश चंद्रा (प्रमुख सचिव, सिंचाई), दीपक त्रिवेदी (अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति/कार्मिक), प्रवीर कुमार (अध्यक्ष, राजस्व परिषद) बतौर सदस्य होंगे।

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