
लखनऊ. किसानों को शून्य लागत में प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण देने के मकसद से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर में पद्मश्री सुभाष पालेकर किसानों को प्राकृतिक कृषि के साथ ही आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग देंगे। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में किसानों को यह विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय और लोक भारती संस्था संयुक्त रूप से कर रही हैं।
सस्ती खेती के बताये जायेंगे तौर-तरीके
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के 15 राज्यों के किसान हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही पाकिस्तान, नेपाल, मारीशस सहित कई अन्य देशों से आये किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। लगभग 1500 किसानों को इस 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में खेती के सभी तरह के प्रयोगों से किसानों को अवगत कराने के साथ ही उपलब्ध बजट में खेती करने के तौर तरीके बताये जायेंगे।
फसलों में विविधता अपनाने पर रहेगा जोर
प्राकृतिक कृषि अभियान के समन्वयक गोपाल उपाध्याय ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्द्येश्य किसानों को फसलों में विविधता लाने के लिए प्रेरित करना है। किसान परंपरागत रूप से सीमित फसलों को उगाने का काम करते हैं और अन्य उपयोग की वस्तुओं के लिए बाजार पर निर्भर रहते हैं। किसानों की बदहाली का यही सबसे बड़ा कारण है। किसानों को जरूरत में आने वाली अधिकतम चीजों को अपने ही खेतों में उगाने के लिए प्रशिक्षित और प्रेरित किया जाएगा जिससे उसमें आत्मनिर्भरता बढे और किसान आर्थिक रूप से मजबूती की ओर बढ़ सके।
Published on:
25 Nov 2017 06:01 pm
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