ढाई हजार किसानों को नहीं मिला ऋण माफी का प्रमाण-पत्र, आचार संहिता खत्म होने के बाद होगा वितरण

ढाई हजार किसानों को नहीं मिला ऋण माफी का प्रमाण-पत्र, आचार संहिता खत्म होने के बाद होगा वितरण

Deepak Sahu | Publish: Mar, 17 2019 09:00:00 PM (IST) Mahasamund, Mahasamund, Chhattisgarh, India

ढाई हजार किसानों को ऋण माफी का प्रमाण-पत्र अभी तक नहीं मिला है

महासमुंद. महासमुंद जिले में ढाई हजार किसानों को ऋण माफी का प्रमाण-पत्र अभी तक नहीं मिला है, जबकि जिला सहकारी बैंक द्वारा 46 हजार किसानों को ऋण माफी का प्रमाण-पत्र दिया जा चुका है। ये किसान पूरी तरह कर्ज से मुक्त हो गए हैं। अब आने वाले समय में इन्हें फिर से इसी प्रमाण-पत्र के आधार पर कृषि कार्य के लिए ऋण दिया जाएगा। शेष किसानों को प्रमाण-पत्र का वितरण आचार संहिता समाप्त होने के बाद होगा। इसके बाद ये भी किसान ऋण मुक्त हो जाएंगे।

जिला सहकारी बैंक के अनुसार जिले में एक लाख 17 हजार पंजीकृत किसान हैं। कृषि कार्य के लिए 49,222 किसानों ने जिला सहकारी बैंक से 217 करोड़ का ऋण लिया था। लोकसभा चुनाव प्रारंभ होने के पहले ही जिले के कर्जदार किसानों को ऋण मुक्ति का प्रमाण-पत्र का वितरण किया गया। जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी डीएल नायक ने बताया कि इस वर्ष 46 हजार किसानों को ऋण मुक्ति का प्रमाण-पत्र वितरण किया जा चुका है।

आचार संहिता लगने के कारण शेष किसानों को प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाया है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद इन किसानों को भी प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा। इसके बाद अल्पकालीन किसानों का ऋण पूरी तरह से ऋण माफ हो जाएगा। वहीं वर्षों से कर्जदार किसान भी अपनी ऋण माफी का इंतजार कर रहे हैं। जिले में 82 हजार किसानों का 384 करोड़ रुपए कर्ज है। ऋण अदा नहीं करने के कारण ये किसान धान नहीं बेच पाए थे। इन किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया चल रही है।

राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों को मिलेगा लाभ
राष्ट्रीयकृत बैंकों से जिन किसानों ने ऋण लिया है, उनका भी कर्ज माफ होगा। आदेश जारी होने के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है। लीड बैंक अधिकारी अरुण मिश्रा ने बताया कि ऋण माफी का आदेश मिल चुका है। ऋण माफ के लिए सभी बैंकों में सूची बनाई जा रही है। सूची बनने के बाद सरकार को सौंपी जाएगी। यह सूची आने वाले एक दो-दिनों में पूर्ण हो जाएगी। लोकसभा चुनाव के बाद ही इन किसानों का भी कर्जा माफ होगा।

बोनस भी मिलेगा
जिले में 2014-15 एवं 2014-16 में बोनस राशि किसानों को नहीं मिली थी। आने वाले समय में किसानों को दो वर्ष का बोनस भी दिया जाएगा। वर्ष 2014-15 में 87709 किसानों से 59 लाख 33 हजार 761 क्विंटल एवं 2015-16 में 84657 किसानों से 58 लाख 234 क्विंटल धान खरीदी हुई थी।

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