ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से अब छात्र-छात्राओं को क्लास व होमवर्क के साथ दिया जायेगा फील्ड वर्क

ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से अब छात्र-छात्राओं को क्लास व होमवर्क के साथ दिया जायेगा फील्ड वर्क

Deepak Sahu | Publish: Sep, 08 2018 10:00:00 PM (IST) Mahasamund, Chhattisgarh, India

संबद्ध हाई स्कूलों की कक्षा 9 वीं के छात्र-छात्राओं को क्लास व होमवर्क के साथ फील्ड वर्क भी दिया जाएगा है।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध हाई स्कूलों की कक्षा 9 वीं के छात्र-छात्राओं को क्लास व होमवर्क के साथ फील्ड वर्क भी दिया जाएगा है। इस फील्ड वर्क को पांच छात्रों का समूह पूरा करेगा।

छात्रों के रचनात्मक व व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई है। इसके तहत अब विद्यार्थियों को अब प्रत्येक विषय पर अलग-अलग थीम पर असाइनमेंट मिलेगा। उसे पूरा करने पर मुख्य परीक्षाओं में अंक भी जुड़ेंगे। एक विषय में निर्धारित 100 के पूर्णांक में 20 अंक फील्ड वर्क के आधार पर दिए जाएंगे। 9वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को फील्ड वर्क स्कूलों में दिया जा रहा है। इससे छात्र किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक जीवन में मैदानी कार्य के महत्व को समझ सकेंगे।

पाठ्यक्रम में शामिल किताबी ज्ञान को लिख-पढक़र व शिक्षकों से सुनकर याद किया जा सकता है, लेकिन दैनिक जीवन में किताबों की शिक्षा का असल महत्व क्या है, इसके लिए छात्रों को उनके विषयों पर आधारित फील्ड वर्क दिए गए हैं। कई स्कूलों में 9वीं के छात्र-छात्राओं को अलग-अलग समूहों में विभाजित करते हुए अलग-अलग विषय वस्तुओं पर फील्ड वर्क करने कहा गया है। गृहकार्य के तौर पर दिए गए फील्ड वर्क को निपटाने छात्र-छात्राएं स्कूल की छुट्टियों का उपयोग करेंगे।

तीन वर्गों में विद्यार्थी करेंगे फील्ड वर्क
फील्ड वर्क के जरिए पूर्ण किए जा रहे परियोजना कार्य को 3 वर्गों में बांटा गया है। पहले प्रायोगिक तौर पर डाटा कलेक्शन करना, उसके बाद उन्हें लिपिबद्ध कर रिपोर्ट तैयार करना तथा अंत में उन पर पूछे गए मौखिक सवाल-जवाब के उचित जवाब देना शामिल हैं। नवमीं कक्षा के छात्रों को दिए जा रहे फील्ड वर्क, हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामजिक विज्ञान व गणित विषय पर आधारित हैं।

छात्रों को बतानी होंगी क्षेत्र की समस्याएं
छात्रों को आसपास के लोगों से उपलब्ध सुविधा व संसाधनों के बारे में खोज करने कहा गया है। इससे मोहल्ले, वार्ड या गांव की समस्याओं से रूबरू होंगे और उनके वैकल्पिक हल के लिए चिंतन कर सकेंगे। वार्ड में ऐसे बच्चों की सूची बनाने कहा गया है, जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया है। अन्य कार्यों में गांव व शहर के बीच पर्यावरणीय अंतर, प्रदूषण का प्रभाव, प्रशासनिक कार्यालय व उनके कार्य व अन्य विषय शामिल हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी, बीएल कुर्रे ने बताया होमवर्क के साथ फील्ड वर्क के लिए विद्यार्थियों का समूह बनाकर असाइनमेंट दिया जा रहा है। जिसे पूरा करने पर मुख्य परीक्षा में इसके अंक भी जुड़ेंगे।

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