यूपी ग्राम पंचायत चुनाव के लिए इस गांव ने पेश की मिसाल, जिसने सुना आश्चर्यचकित होकर कहा, वाह

- यूपी का ऐसा गांव जहां अमेरिकी तर्ज पर चुना गया प्रधान पद का प्रत्याशी
- पंचायत चुनाव में आपसी बैर से बचने के लिए गांव ने दिखाई एकजुटता

By: Mahendra Pratap

Published: 05 Jan 2021, 06:40 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. मैनपुरी का गांव औरंध, फौजियों का गांव है। पंचायत चुनाव में आपसी बैर और रंजिश से बचने के लिए इस गांव के लोगों ने एकजुटता की बड़ी मिसाल पेश की। औरंध गांव ने आपसी सहमति से यह तय किया अमेरिकी प्राइमरी की तर्ज पर गांव में प्रधान पद का आंतरिक चुनाव कराया जाए। और जो इसमें जीतेगा उसे ही सब गांव की जनता एकमत होकर प्रधान चुन लेंगे। फिर क्या था बैलेट पेपर छपवाए गए, सोमवार को गांव में एक मंदिर को मतदान केंद्र बनाया गया, प्रधान प्रत्याशी के लिए आतंरिक चुनाव हुआ। गांव के बड़े बूूूढ़े पीठासीन अधिकारी व मतदान कर्मी बने। इसके बाद तीन प्रत्याशियों में एक विजयी घोषित किया गया। साथ ही यह भी तय हुुुआ कि फैसले का सभी सम्मान करेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उसका सामाजिक बहिष्कार होगा।

यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 में ग्राम पंचायत में आरक्षण का नया फार्मूला

फौजियों का गांव है समझदार :- इस ग्राम पंचायत में हर परिवार सेना में होने की वजह से औरंध को फौजियों का गांव कहा जाता है। इस ग्राम पंचायत में कुल 10 गांव-मजरे और करीब 6300 मतदाता हैं। ग्राम पंचायत के सबसे बड़े गांव औरंध में 1936 मतदाता हैैं। पंचायती राज लागू होने के बाद से हर चुनाव में गांव औरंध का व्यक्ति ही प्रधान चुना जाता रहा। कई प्रत्याशियों के लड़ने की वजह से दो टर्म से दूसरे गांव का व्यक्ति प्रधान बन गया। तब गांव के बड़े बूढ़ों ने फैसला किया कि, इस बार आंतरिक चुनाव कर एक प्रत्याशी उतारा जाएगा। चुनाव के लिए सात लोगों की समिति बनाई गई।

विजयी का नाम आया सामने :- फिर क्या था जब पूरे गांव की सहमति मिल गई तो गांव से तीन दावेदार सामने आए। तीनों के नाम और फोटोयुक्त मतपत्र छपवाए गए। पांच वार्डों में बांट कर पांच बूथ बनाए गए। एक-एक बूथ पर एक एक पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया। सोमवार सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक कुल 1936 में से 1138 मतदाताओं ने अपने मत डाले। मतगणना में 724 मत हासिल कर अखंड प्रताप विजयी रहे।

जीतने वाला भी खुश हारने वाला भी :- आंतरिक चुनाव में विजेता प्रत्याशी अखंड प्रताप ने कहाकि, गांव का वोट न बंटे और आपस में बैर न हो, यही सबकी इच्छा है। दूसरे दोनों प्रत्याशी सुनील चौहान और सत्यपाल सिंह ने कहा कि गांव में कोई नहीं चाहता कि चुनाव को लेकर कोई विवाद हो। इसी कारण हम सबने मिलकर यह आंतरिक चुनाव कराया है।

पूरा गांव करेगा बहिष्कार :- सात सदस्यीय चुनाव समिति के वरिष्ठ सदस्य अमर सिंह ने बताया कि, इस आंतरिक चुनाव की प्रक्रिया का सभी को पालन करना होगा। यदि कोई नतीजे के खिलाफ जाता है तो पूरा गांव उसका बहिष्कार करेगा।

Show More
Mahendra Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned