लॉकडाउन में बच्चों को पढ़ाई करवाने के साथ ऐसे रखें बिजी

लॉकडाउन में वे क्या टिप्स हैं जो कि इस दौरान आपके लिए ना केवल मददगार हो सकते हैं अपितु आपके बच्चों को भी खुश रख सकते हैं।

लॉकडाउन में वे क्या टिप्स हैं जो कि इस दौरान आपके लिए ना केवल मददगार हो सकते हैं अपितु आपके बच्चों को भी खुश रख सकते हैं। हाल ही बेंगलुरू स्थित एक नेशनल इंस्टीट्यूट ने कुछ ऐसे पॉइंट्स सुझाए हैं, जो कि लॉकडाउन में बच्चों के लिए काफी यूजफुल हैं।

जानिए कौनसे सवाल हैं बच्चों के मन में
रुटिन लाइफ में बच्चों के साथ वर्किंग प्रोफेशनल्स को अधिक समय व्यतीत करने का मौका नहीं मिलता है। इसलिए इस वक्त को एक अवसर माने और बच्चों के साथ अपने इमोशनल कनेक्शन को मजबूत करें। जरूरत है कि आप बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब देने का प्रयास करें। लॉकडाउन क्या है? वे घरों में ही क्यों कैद हैं? दोस्तों से क्यों नहीं मिल पा रहे हैं, सहित कुछ ऐसे सवाल हैं जो आठ-दस वर्ष के उम्र के बच्चे अपने पैरेंट्स से अधिक पूछ रहे हैं। ऐसे सवालों को टाले नहीं अपितु सरल भाषा में उन्हें समझाने का प्रयास करें।

करें अपना बचपन भी शेयर
बच्चों को मोबाइल और लैपटॉप ज्यादा ना दें। उन्हें नॉर्मल रखने के लिए अपने बचपन के किस्से उनसे शेयर करें। यदि आपकी न्यूक्लियर फैमिली है तो नियमित रूप से अपने पैरेंट्स के साथ बच्चों की बात कराएं। ग्रांड पैरेंट्स की भूमिका ऐसे में अहम हो जाती है। उन्हें समझाया जाए कि किसी भी नियम का पालन करना क्यों जरूरी है। उन्हें आप स्वयं इंस्पिरेशनल स्टोरी सुनाएं और मोटिवेट करने का प्रयास करें।

बच्चों को घर बैठ कर दे नॉलेज
अभी आप अपने बच्चों के साथ अधिकाधिक समय बिता पा रहे हैं। इसका सदुपयोग करें। उन्हें उनकी पढ़ाई के अलावा अन्य विषयों की भी जानकारी देने का प्रयास करें। उन्हें कोई दूसरी भाषा सिखा सकते हैं अथवा आर्ट एंड क्राफ्ट में बिजी रख सकते हैं या फिर उन्हें ऑनलाइन कोर्सेज ज्वॉइन करवा कर उनकी योग्यता को बढ़ा सकते हैं।

सुनील शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned