मौत के बढ़ते आंकड़ों से प्रशासन ने मूंदी आंखें

एक ही गली में एक के बाद एक छह मौतें, आंकड़े सिफर

By: Mangal Singh Thakur

Published: 04 May 2021, 01:14 PM IST

मंडला. अप्रैल 2021 जिलेवासियों के लिए बेहद मनहूसियत भरा रहा लेकिन अब उस माह की काली छाया मानो मई माह पर भी पड़ रही है। अप्रैल महीने में जिले में किसी अज्ञात कारणों से मरने वालों की संख्या 50 के आंकड़े को पार कर गई। मई महीने में भी मौतोंं का यह सिलसिला जारी है। जिन लोगों की मृत्यु हुई उनमें कुछ को कोरोना पॉजिटिव भी बताया जा चुका है लेकिन चूंकि उनकी जांच, उपचार और उपचार के दौरान मृत्यु किसी अन्य जिले में हुई। इसलिए जिले के कोरोना बुुलेटिन में उनके आंकड़ों को शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा मरने वालों में कुछ को कोरोना संदिग्ध भी बताया जा रहा है जिन्होंने अपना पूर्ण उपचार नहीं लिया और अपनी जिंदगी गवां बैठे। चूंकि वे भी कोरोना संदिग्ध की श्रेणी में रहे और उपचार से वंचित रहे, इसलिए जिला प्रशासन के पास उनके आंकड़े और मृत्यु के कारण उपलब्ध नहीं। जिले में हो रही मृत्यु के सिलसिले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय के मुख्य व्यापारिक स्थल चिलमन चौक के नजदीक रिहायशी इलाके की एक गली में एक के बाद एक छह मौतें हो चुकी हैं। इनमें से एक मीडिया से जुड़े नागरिक भी रहे जिनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इनके पहले एक व्यक्ति और इनके बाद तीन अन्य व्यक्तियों की इसी गली में मृत्यु हो चुकी है। हाल ही में इसी गली में एक महिला की भी कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई है। इन सबके बावजूद जिले के स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में जानकारी लेना मुनासिब नहीं समझा कि अचानक जिले के अलग अलग हिस्सों में इस तरह मृत्यु दर कैसे बढ़ चुकी है?
नपा की निगरानी में दाह संस्कार
कोविड 19 के गाइड लाइन के अनुसार, किसी भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार नगरपालिका प्रशासन की निगरानी में किया जाएगा। अप्रैल माह के आखिरी पखवाड़े में नगरपालिका मंडला की निगरानी में लगभग 10 अंतिम संस्कार किए जा चुके हैं लेकिन इनमें से किसी भी मृत्यु को कोरोना बुलेटिन से नहीं जोड़ा गया है और न ही उन्हें कोरोना पॉजीटिव बताया गया है। हालांकि उन्हें कोरोना संदिग्ध बताकर बतौर सावधानी बरतते हुए अंतिम संस्कार की बात संबंधित विभाग के अधिकारी मान रहे हैं।
18 अप्रैल को शहर में उठी 22 अर्थियां
सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल महीने की 18 तारीख को जिला मुख्यालय के अलग अलग इलाकों से 22 अर्थियां उठी। इनकी मृत्यु का कारण क्या था? इसका जवाब ढूंढने में जिला प्रशासन को कोई दिलचस्पी नहीं। इसके बाद क्रमश: 08, 07, 09 लोगों की मौतें शहर के अलग अलग क्षेत्रों में हुई। शहर मेंं अचानक बढ़ी मृत्यु के कारण श्मशान घाट के लकड़ी टालों में लकडिय़ां कम पड़ रही हैं। इतनी कम, कि नगरपालिका प्रशासन को अतिरिक्त लकडिय़ां उपलब्ध करानी पड़ रही हैं। इस बात को भी नगरपालिका प्रशासन स्वीकार कर रहा है लेकिन मौतों के बढ़ते सिलसिले के कारणों को जानने में किसी को रुचि नहीं।
फैक्ट फाइल:
तिथि मृत्यु
18 अप्रैल 22
19 अप्रैल 08
20 अप्रैल 07
21 अप्रैल 09
25 अप्रैल 07
29 अप्रैल 05
02मई 04

Mangal Singh Thakur
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned