जहां हुजूम वहां सैनिटाइजेशन में भी लापरवाही

बस स्टैंड, श्रमिक शेड में नियमिति नहीं हो रहा सैनेटाइजेशन

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 04 May 2021, 12:35 PM IST

मंडला. कोरोना संक्र मण से बचाव के लिए हल्ला तो तमाम मच रहा है। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की हिदायत लगातार दी जा रही है। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर पुलिस रोज चालान और कानूनी कार्रवाई कर रही है। लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए सरकारी इंतजाम ही खोखले ही साबित हो रहे हैं। जिन जगहों पर संक्र मितों और कोरोना संदिग्धों की भीड़ है वहां एहतिहात के तौर पर सैनेटाइजेशन का इंतजाम तक नहीं है। चिकित्सकों के अनुसार दूसरे फेज का कोरोना ज्यादा खतरनाक है, इसमें संक्र मण तेजी से पनप रहा है और घातक साबित हो रहा है। खौफ की वजह से लोग खांसी के हल्के ठसके और बुखार से सहम रहे हैं। कोरोना जांच के लिए निजी क्लीनिक, सरकारी सेंटर से लेक र सीटी स्कैन सेंटर पर लोगों का हुजूम है, लेकि न इन जगहों पर सरकारी स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। यह लापरवाही लोगों को भी हैरान क र रही है।
नगर पालिका ने शहर के 24 वोर्डों को सैनेटाइज कराने के लिए एक दमकल वाहन का उपयोग कर रही है। वहीं लगभग 8 कर्मचारी इस काम के लिए नियुक्त किए हैं। जहां दमकल वाहन नहीं पहुंचता वहां कर्मचारी स्पे्र पंप के माध्यम से सैनेटाइज कर रहे हैं। लेकिन यह सिर्फ दिखावा ही साबित हो रहा है। ज्यादातर कंटेनमेंट जोन पर सैनेटाइजेशन अमला पहुंच ही नहीं रहा है। लोग तमाम बार शिकायत क र चुके हैं, लेकि न उसके बावजूद सैनेटाइजेशन टीम नहीं पहुंच रही है। उसके लिए भी लोगों को सिफ ारिश करना पड़ रहा है। इसके बाद भी सैनेटाइजेशन के नाम पर दिखावा हो रहा है।


शहर से लगे क्षेत्र में लापरवाही
शहर से लगे क्षेत्र की ग्राम पंचायते कोरोना संक्रमण को लेकर किसी प्रकार से सजग नहीं है। देवदरा, बिंझिंया, खैरी, बिनैका में लगातार संक्रमण बढ़ रहा है। लेकिन यहां पंचायत किसी प्रकार से तैयार नहीं है। ना तो मुनादी कराई जा रही है ना सैनेटाइजेशन का कार्य। यहां तक इन क्षेत्रों में छोटी छोटी बाजारें भी संचालित हो रही हैं। देवदरा पंचायत के रमपुरा, राजीव कॉलोनी झंडा चौक में शाम होते ही मछली बाजार लग जाती है। जहां शाम से अंधेरा होते तक भीड़ उमड़ती है। बिंझिंया, कटरा, देवदरा में कंटेमेंट क्षेत्र बनाए गए हैं लेकिन नजर रखने के लिए कोई पंचायत कर्मी वहां नहीं पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों का क हना है कि प्रशासन कोरोना से बचाव के लिए इतना हल्ला मचा रहा है, लेकि न उसके खुद के इंतजाम लचर हैं। बस स्टैंड के आसपास डॉक्टर्स की क्लीनिकों, मेडिकल स्टोर के अलावा जिला अस्पताल के कोविड जांच के सेंटर्स, सीटी स्कैन सेंटर पर भीड़ रहती हैं। इन पर ज्यादातर कोविड संक्र मित या कोरोना संदिग्ध लोगों की आवाजाही होती है। प्रशासन कोरोना पर कं ट्रोल क रना चाहता है तो यहां सैनेटाइजेशन के तो पुख्ता इंतजाम होना चाहिए, जिससे यहां आने वालों के जरिए संक्रमण नहीं फैले लेकिन कि सी भी कोविड जांच सेंटर या दूसरे ठिकानों पर इसका इंतजाम तक नहीं है। यह सरकारी स्तर पर बड़ी लापरवाही है।


वर्जन
सैनिटाइजेशन के लिए एक वाहन लगा है आठ से नौ कर्मचारी हैं जहां केस निकल रहे उसे प्राथमिकता दी जा रही है। बस स्टैंड व अन्य चिन्हित स्थानों में एक-एक दिन के अंतराल में सैनिटाइज कराया जा रहा है। सभी वर्डों में सैनिटाइज करने के निर्देश दिए हैं। जहां आवश्यकता पड़ रही है वहां टीम भेजी जा रही है।
प्रदीप झारिया, सीएमओ, नगर पालिका

Mangal Singh Thakur
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