कन्याओ के स्कूल में बालकों का दाखिला

harinath dwivedi

Publish: Jul, 14 2018 12:35:08 PM (IST)

Mandsaur, Madhya Pradesh, India
कन्याओ के स्कूल में बालकों का दाखिला

कन्याओ के स्कूल में बालकों का दाखिला

मंदसौर/गरोठ.


नगर के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में बालको को प्रवेश पर नागरिको ने आपत्ति जताते हुए बालिकाओ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई है। बताया जाता है कि शिक्षा विभाग ने इस कन्या विद्यालय को गत सत्र से अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय कर दिया है इसके बाद से वहां पर बालक प्रवेश ले रहे हैं इस पर पालको ने आपत्ति लेते हुए छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए है। इसके बाद बीआरसी ने आदेश जारी कर स्कूल प्रबंधन को बालको की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर अध्ययनरत बालको को निकालने को कहा था। इसके बाद इस वर्ष तो बालको का प्रवेश रोक दिया है, परंतु पहले से अध्ययनरत बालक अभी भी छात्राओं के स्कूल में आ रहे है।

हाल ही में मंदसौर में एक मासूम के साथ स्कूल से ले जाकर हुई ज्यादती की घटना के बाद भी शिक्षा विभाग बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति किस प्रकार से सक्रिय जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है और कन्या स्कूल में बालको का प्रवेश दे रहा है। इसके कारण छात्राओं के पालकों में चिंता व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि गरोठ विकासखंड के शासकीय व निजी विद्यालयो में बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति ना तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं ना ही अन्य कोई सुरक्षा व्यवस्था के अन्य साधन है।थे ऐसे में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पलकों में चिंता होना जायज है।


अव्यस्थाओ को लेकर दो बार मांगा मार्गदर्शन, जवाब कुछ नहीं
इस संबंध में कन्या माध्यमिक की प्रधानाध्यपिका उषा शर्मा ने बताया कि गत वर्ष से हुए अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय मैं अव्यवस्थाओं को लेकर दो बार उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांग लिया है परंतु वहां से कोई मार्गदर्शन नहीं मिला। प्रधानाध्यपिका के अनुसार विद्यालय का डाइस कोड नहीं होने से मैपिंग समस्या आ रही है, विद्यालय खुले साढ़े तीन माह के बाद भी कक्षा 8वीं की किताबें अप्राप्त है, कक्षा 6 व 7 का बदला कोर्स अप्राप्त, अक्टूबर माह में प्रतिभा पर्व के अंग्रेजी माध्यम के पेपर कहा से प्राप्त होंगे। 8वी उत्तीर्ण छात्रों की अंकसूची कन्या मावि की सील से दी जाएगी। यदि पूर्ववत छात्रों की मेपिंग छात्राओं के विद्यालय से होगी तो यह गंभीर विसंगति होगी। छात्रों की पढ़ाई व भविष्य को देखते हुए जिला शिक्षा कार्यालय से दो बार पत्र द्वारा मार्गदर्शन मांगने पर कोई जवाब नहीं आया है।


बीआरसी ने रोके प्रवेश
कन्याओं के विद्यालय में छात्रों के पढऩे से छात्राओं की सुरक्षा वह इस प्रकार की विसंगतियों को देखते हुए बीआरसी ने पत्र द्वारा छात्रों का प्रवेश रोकने व अध्यनरत छात्रों के स्थानांतरण प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए है व पत्र में निर्देश देते हुए लिखा है कि यदि कन्या शाला में कुछ भी होता है तो उसके लिए स्वयं प्रधानाध्यापिका ही जवाबदार होंगे।


जांच करेंगे...
कन्याओं के स्कूल में छात्रों के पढऩे व अन्य प्रकार की अव्यवस्थाओं के बारे में देखकर जांच की जाएगी।
- आरएल कारपेंटर, जिला शिक्षा अधिकारी
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