मंदसौर सीट पर दोनों पार्टियों में दिग्गज दावेदार

मंदसौर सीट पर दोनों पार्टियों में दिग्गज दावेदार

harinath dwivedi | Publish: Sep, 06 2018 12:36:09 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

मंदसौर सीट पर दोनों पार्टियों में दिग्गज दावेदार


मंदसौर.
जिले की सबसे चर्चित विधानसभा सीट मंदसौर विधानसभा है। इस सीट से भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की प्रमुख नेता दावेदार है। भाजपा १५ साल से इस सीट पर काबिज है। इसलिए संगठन ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतरेगा जो जीत को कायम रख सके। वहीं कांग्रेस इस सीट पर फिर से काबिज होना चाहती है। ऐसे में सबसे मजबूत उम्मीदवार को ही इस सीट से मैदान में उतारेगी। दोनों पार्टियों के प्रमुख दावेदारों पर एक नजर......
कांग्रेस - मीनाक्षी नटराजन
मीनाक्षी नटराजन पंचायती राज संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष है। २००९ के लोकसभा चुनाव में मंदसौर संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीता। वर्ष २०१४ में तीन लाख से अधिक मतों से भाजपा के सुधीर गुप्ता से वे लोकसभा चुनाव हारे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबियों में मीनाक्षी नटराजन को माना जाता है। नटराजन चुनाव हारने के बाद से ही संसदीय क्षेत्र में सक्रिय है। नटराजन का सबसे मजबूत पक्ष ईमानदार एवं स्वच्छ छवि व संगठन में मजबूत पकड़ है। इस कारण नटराजन को मंदसौर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की सबसे मजबूत दावेदार भी माना जा रहा है। २०१९ के होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की कें द्रीय घोषणा पत्र समिति में भी सदस्य है।
महेंद्र गुर्जर - महेंद्र गुर्जर वर्तमान में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष है। २००८ और २०१३ में विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे। दोनों बार विधायक यशपाल ङ्क्षसह सिसौदिया से चुनाव हारे। गुर्जर मीनाक्षी नटराजन गुट से है। मजबूत पक्ष मीनाक्षी नटराजन गुट से होना और पांच साल तक सतत रूप से मैदान में कार्य करना है। वर्तमान में वे कांग्रेस के जिलाउपाध्यक्ष है।
मुकेश काला- मुकेश काला जिला पंचायत सदस्य गरोठ विधानसभा क्षेत्र से रह चुके है। इसके बाद वे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद पर भी रहे है। लंबे समय से मंदसौर विधानसभा में सक्रिय है। और सांसद ज्यौतिरादित्य सिंधिया के करीबियों में शुमार है। काला का मजबूत पक्ष है कि वे सिंधिया गुट से है। विधानसभा चुनावों को देखते हुए वे दावेदारी कर रहे हैं। कांग्रेस नए चेहरे के रूप में मुकेल काला पर दांव खेल सकती है। ्रनवकृष्ण पाटिल - नवकृष्ण पाटिल मंदसौर विधानसभा से पहले विधायक रह चुके है। छात्र जीवन से कांगे्रस से जुड़े हुए है। संगठन में विभिन्न पदों पर रहे है। लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है। नवकृष्ण पाटिल को पूर्व विधायक होने का लाभ पार्टी से मिल सकता है। अनुभवी होने के कारण कांग्रेस इन पर भी दांव खेल सकती है।
विपिन जैन - वर्तमान में दलौदा के सरपंच है। सरपंच पद पर रहते हुए कई विकास कार्य किए है। राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पुरुस्कार पंचायत में बेहतर काम करने के लिए भी शासन की और से मिले है। दलौदा पंचायत में इनके विकास कार्य इनकी सबसे बड़ी ताकत है। अपने क्षेत्र में इनका खासा प्रभाव भी है। विपिन जैन भी कांग्रेस के नए चेहरे में शामिल होकर कांग्रेस पार्टी से दावेदारी के प्रमुख नाम में से एक हैं।
सोमिल नाहटा-वर्तमान में यूथ कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष है। और पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा के छोटे भाई के पुत्र है। युवा चेहरे के तौर पर इनको देखा जा रहा है। गत नगर पालिका चुनाव में नगर पालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा के उम्मीदवार से चुनाव हारे। लगातार विधानसभा में सक्रिय होकर क्षेत्र की समस्याओं को उठाया है। युवाओं में नाहटा में खासी पकड़ है।
भाजपा-
यशपाल ङ्क्षसह सिसौदिया- वर्तमान में भाजपा से विधायक यशपाल ङ्क्षसह सिसौदिया। लगतार दूसरी बार इस सीट से चुनाव जीते है। पूर्व में दो बार नगर पालिका अध्यक्ष रहे चुके है। जमीनी रूप से सक्रिय है। लगातार दो बार से चुनाव जीतने और आमजन के बीच सक्रिय रहना इनकी ताकत हैं। सिसौदिया विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति के अध्यक्ष भी है। इसके साथ ही सांसद-विधायक आवास समिति के चैअरमेन भी है। और विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति और विदेश भ्रमण सहित एक अन्य समिति में सदस्य है। और संगठन में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य है।
प्रहलाद बंधवार - वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष है। इससे पहले भी एक बार नगर पालिका अध्यक्ष रहे। संगठन में विभिन्न पदों पर कार्य किया। जमीन नेता के रूप में चर्चित है। भाजपा भी यदि नए चेहरे पर दांव खेलना चाहेगी तो बंधवार एक बड़ा नाम पार्टी के लिए रहेगा। क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय होने के कारण पार्टी इसका लाभ उठाना चाहेगी।
सुधीर गुप्ता - मंदसौर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता भी दावेदारों में शामिल है। बाल्य अवस्था से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे है। उसके बाद संघ में दायित्व दिया गया। छात्र जीवन में अभाविप से राजनीति में कदम रखा। उसके भारतीय शिक्षण मंडल, सेवा भारती, स्वेदशी जागरण, विश्व ङ्क्षहदू परिषद में भी कार्य किया। भारतीय जनता पार्टी में जिला उपाध्यक्ष बने। फिर जिलाध्यक्ष बने। २००५ में राज्य योजना आयोग के सदस्य भी रहे। २०१४ में सांसद मीनाक्षी नटराजन को तीन लाख तीन हजार मतों से पराजित किया। इनकी मजबूती क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। इसके साथ ही सांसद के कार्यकाल में भी इनकी सक्रियता पर पार्टी की नजर हैं। ऐसे में गुप्ता प्रमुख दावेदार में शामिल होते हैं।
बंशीलाल गुर्जर- बंशीलाल गुर्जर वर्तमान में प्रदेश भाजपा महामंत्री है। ३ बार कृषि मंडी अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। साथ ही भाजपा के जिला महामंत्री पद व जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। किसान मोर्चा में भी जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पार्टी से लंबे समय से जुड़े होने और विभिन्न पदों पर कार्य करने के कारण कार्यकर्ताओं अच्छी पकड़ है। सरपंच व जनपद पंचायत सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं। किसान नेता की छवि होने के कारण संसदीय क्षेत्र में खासी पकड़ हैं। कार्यकर्ताओं के बीच खासी पकड़ होने के कारण वे अपनी दावेदारी मजबूत करते हैं।
राजेंद्र सुराणा-
राजेंद्र सुराणा वर्तमान में जिला उपाध्यक्ष है। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके है। इसके अलावा जनपद पंचायत मंदसौर के अध्यक्ष पद पर भी रहे है। सुराणा कचनारा से भी सरपंच रहे है। संगठन में जिला महामंत्री के पद पर कार्य किया है। क्षेत्र सहित व्यापारियों में पकड़ है।

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