विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार पर बढ़ा भरोसा, जुलाई में की 3,551 करोड़ की खरीदारी

विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार पर बढ़ा भरोसा, जुलाई में की 3,551 करोड़ की खरीदारी

Shivani Sharma | Publish: Jul, 14 2019 12:09:26 PM (IST) बाजार

  • विदेशी निवेशकों ने जुलाई में अब तक Indian market में 3,551 करोड़ रुपये की पूंजी डाली
  • इसके अलावा बांड मार्केट में 8,504.78 करोड़ रुपये किया निवेश

नई दिल्ली। बजट के बाद शेयर बाजार ( share market ) में विदेशी पूंजी की भारी निकासी के बावजूद विदेशी निवेशक ( Foreign investors ) जुलाई महीने में अब तक भारतीय पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल बने हुए हैं। डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक ( FPI ) ने 1 से 12 जुलाई के दौरान, शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 4,953.77 करोड़ रुपये की निकासी की लेकिन बांड बाजार में 8,504.78 करोड़ रुपये डाले।


पूंजी बाजार में किया निवेश

विदेशी निवेशकों ने पूंजी बाजार में शुद्ध रूप से 3,551.01 करोड़ रुपये का निवेश किया। बजट पेश होने के बाद से विदेशी निवेशक एक-दो बार को छोड़कर बाकी दिनों में शुद्ध बिकवाल रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट में विदेशी कोष समेत अमीरों की ओर से दिए जाने वाले आयकर पर अधिभार को बढ़ाने का प्रस्ताव किया है, इससे विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार से मोहभंग हुआ है और वे घरेलू शेयर बाजार में अपने निवेश का फिर से मूल्यांकन कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें: HDFC Bank : रविवार को ग्राहक कर सकेंगे ATM और डेबिट कार्ड का प्रयोग, बैंक ने सिस्टम अपग्रेड प्रोसेस को टाला

बजट के बाद हुई बिकवाली

वैश्विक निवेशक लगातार पांच महीने से शुद्ध खरीदार बने हुए हैं। उन्होंने भारतीय पूंजी बाजार में जून में शुद्ध रूप से 10,384.54 करोड़ रुपये, मई में 9,031.15 करोड़ रुपये, अप्रैल में 16,093 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी। वहीं मार्च में 45,981 करोड़ रुपये तथा फरवरी में 11,182 करोड़ रुपये का निवेश किया था।


हिमांशु श्रीवास्तव ने दी जानकारी

मॉर्निंगस्टार के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘बजट के दौरान, सरकार ने विदेशी निवेश और एफडीआई को बढ़ावा देने के कई कदम उठाए हैं। इनमें एफपीआई के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो), फॉर्म सरल करना, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) द्वारा जारी बांड में निवेश की एफपीआई को अनुमति जैसी पहल शामिल हैं।’’

ये भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर Facebook की क्रिप्टोकरंसी, कहा - यह करंसी अविश्वसनीय है

बजट का दिख रहा बजार पर असर

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘इन कदमों को सकारात्मक कदम माना जा रहा था। हालांकि, विदेशी कोषों समेत अमीरों के आयकर पर अधिभार को बढ़ा दिया। इसमें विदेशी कोष भी शामिल हैं, जो ट्रस्ट और एसोसिएशंस आफ पर्सन्स (एओपी) के रूप में होते हैं। यह कदम बाजार के पक्ष में नहीं रहा।’’ श्रीवास्तव ने कहा कि अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समझना होगा की इस बदले हुए परिदृश्य के संबंध में क्या कदम उठाते हैं।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार,फाइनेंस,इंडस्‍ट्री,अर्थव्‍यवस्‍था,कॉर्पोरेट,म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned