
अयोध्या में मंदिर तो है बस रामलला के जन्मस्थान को भव्यता प्रदान करने की जरूरत है: श्रीकांत शर्मा
मथुरा। अयोध्या में मंदिर तो है लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था है कि रामलला जहां पैदा हुए उस स्थान को भव्यता मिले। लम्बे समय से लोग मंदिर के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। तमाम तथ्य चिल्ला-चिल्ला कर यह कह रहे हैं कि वहां पर मंदिर था और साधू-सतों, रामभक्तों और करोड़ों लोगों की आस्था है कि वहां पर भव्य मंदिर बने और मैं उम्मीद करता हूं कि इसके लिए रास्ता निकलेगा। यह कहना है उत्तर प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा का।
अयोध्या में मंदिर तो है, भव्यता प्रदान करनी है
दरअसल शनिवार को प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा मथुरा में राधावैली स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई कर रहे थे। लोगों की समस्याएं सुन उनके निराकरण के निर्देश देने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए श्रीकांत शर्मा ने राम मंदिर मुद्दे पर बेबाकी से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था है कि अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बने। साथ ही कहा कि अयोध्या में मंदिर तो है लेकिन जिस स्थान पर रामलला का जन्म हुआ उस स्थान को भव्यता मिले यह मांग है। ऊर्जामंत्री ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि इसके लिए कोई न कोई रास्ता जरुर निकलेगा।
राम मंदिर पर राजनीति बंद हो
उन्होंने कहा कि मंदिर मुद्दे पर बहुत से लोग लम्बे समय से राजनीति करते आ रहे हैं आखिर कब तक उसे टालमटोल किया जाएगा। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि इलाहाबाद हाइकोर्ट भी फैसला दे चुका है कि वहां राम मंदिर था और तमाम सर्वे में भी तथ्य चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे हैं कि वहां राम मंदिर था तो लोगों की आस्था के मुताबिक वहां मंदिर बनना चाहिए। मामला कोर्ट में विचाराधीन है और साधू-संत लगातार बैठक कर सरकार से मंदिर निर्माण की मांग कर रहे हैं इस सवाल पर उन्होंने कहा कि साधु-सतों, रामभक्तों, देश-विदेश के करोड़ों लोगों का अधिकार है जो चाहते हैं अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने।
Updated on:
3 Nov 2018, 7:16 PM IST
Published on:
3 Nov 2018, 6:56 PM IST
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