पराली जलाने पर किसान नहीं चार लेखपाल हुए निलंबित

डीएम ने 21 नवंबर तक रिपोर्ट नहीं देने पर हुई कार्यवाही।

मऊ. पराली जलाने पर किसानों नहीं बल्कि लेखपालों पर कार्रवाई हुई है। मधुबन तहसील क्षेत्र में पराली जलाने पर रोक लगाने में बरती जा रही लापरवाही मामलें में जिलाधिकारी ने चार लेखपालों को निलंबित कर दिया है। पराली जलाने पर अंकुश लगाने के लिए डीएम की ओर से तहसील, ब्लाक और ग्राम स्तर पर टीम गठित किया गयी है। टीम के सदस्यों को पराली जलाने वाले किसानों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं।

बतादें कि मधुबन तहसील के आलापुर गांव के लेखपाल शरदचंद पांडेय, तिघरा गांव के रामभवन यादव, गजियापुर के आशुतोष पांडेय और नन्दौर के लेखपाल ज्ञानचंद भारती से पराली जलाने के मामलें में रिपोर्ट मांगा गया था। इसके लिए 21 नवम्बर तक का समय दिया गया था। लेकिन समय पर रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेशानुसार एसडीएम मधुबन लाल बाबू दूबे ने चारों लेखपालों को निलंबित कर दिया।

इस पूरे मामलें पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि एनजीटी की रिपोर्ट के अऩुसार पराली जलाने से पर्यावरण व वातारण पर कुप्रभाव पड़ रहा है। जिससे आम जनमानस के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसको लेकर शासन स्तर से तमाम निर्देश आये हुए हैं, जिसके बाद ग्राम स्तर तक टीम गठित की गयी है और किसानों को भी जागरुक किया गया है, लेकिन जो भी आदेश का पालन नहीं कर रहा उसके खिलाफ कार्य़वाही की जा रही है। मधुबन में चार लेखपालों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा किसानों को भी चिन्हित कर कार्यवाही करने का आदेश दिया गया है।

By Correspondence

रफतउद्दीन फरीद
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