
मायावती के इस 'भतीजे' को बसपा नेता ने दी नसीहत, कही यह बड़ी बात
केपी त्रिपाठी, मेरठ। सहारनपुर के भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण ने जेल से रिहा होने के बाद मीडिया को जो बयान दिया था उसमें उसने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को बुआ बताया था। बसपा सुप्रीमो को बुआ कहे जाने वाले बयान के तीन बाद आज जब बसपा सुप्रीमो मायावती की चुप्पी टूटी तो उसके बाद बसपाइयों ने भी रावण पर राजनैतिक बयानबाजी शुरू कर दी है। कल तक बसपा के प्रदेशाध्यक्ष भी इस पर मौन थे। बसपा के प्रदेशाध्यक्ष दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम उप्र में हैं। वह यहां पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं।
बुआ ने भतीजे को जवाब दे दिया
उनके साथ पश्चिम उप्र के प्रभारी शमसुद्दीन राइन भी है। 'पत्रिका' ने जब शमसुद्दीन राइन से इस विषय पर बात की तो उन्होंने भी अपनी बसपा सुप्रीमो मायावती के बयान को दोहराया और कहा कि चंद्रशेखर उर्फ रावण लोकप्रियता बटोरने के लिए ही बहन जी को बुआ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भतीजे को उनकी बुआ ने जवाब दे दिया है। अब ज्यादा कुछ बचता नहीं है। उन्होंने कहा कि बहन जी ने सदा बहुजन के लिए काम किया है, जबकि रावण ने तो अभी पूरी तरह से राजनीति में कदम भी नहीं रखा हैं। चंद्रशेखर भूल गए कि वह किसके साथ अपना रिश्ता जोड़ रहे हैं। बहन जी सर्वजन की बात करती है।
बसपा है दलितों की हितैषी
बहुजन समाज पार्टी दलितों की हितैषी है। दलितों के सम्मान की बात करती है। चंद्रशेखर अगर बहन जी को बुआ ही मानते थे तो उनके पास मिलने क्यों नहीं गए। क्यों भीम आर्मी जैसा संगठन खड़ा किया। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती के पूर्व में दिए बयान को दोहराया। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा था कि भीम आर्मी भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। शमसुद्दीन राइन ने कहा कि भीम आर्मी कहीं न कहीं आज भी भाजपा के इशारे पर ही चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारा या बसपा का भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं है। हम सर्वजन और दलितों के हित की बात करते हैं।
Published on:
16 Sept 2018 05:18 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
