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जेठानी ने केरोसिन से जलाकर मार दिया था देवरानी को, अदालत ने सुनाई ये सजा

मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव पोहल्ली के मामले में फैसला सात साल पहले जेठानी और देवरानी के बीच थी लड़ाई एडीजे विशेष न्यायाधीश ने इस केस पर सुनाया फैसला  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 9 Jul 2019, 1:26 PM IST

meerut

जेठानी ने केरोसिन से जलाकर मार दिया था देवरानी को, अदालत ने सुनाई ये सजा

मेरठ। सात साल पहले जेठानी ने अपनी देवरानी को केरोसिन डालकर जला दिया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में न्यायालय ने जेठानी को दोषी पाते हुए उसको उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला थाना सरधना क्षेत्र के गांव पोहल्ली का है। पोहल्ली निवासी राजेंद्र ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि 16 मार्च 2012 को उसका छोटा भाई सूरजभान और उसकी पत्नी जंगल जा रहे थे। इस दौरान उसके दूसरे भाई नेपाल व उसकी पत्नी निशा ने रंजिश के कारण शशि पर केरोसिन डालकर आग लगा दी, जिसे बचाने में सूरजभान भी झुलस गया।

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देवरानी की हो गर्इ थी मृत्यु

झुलसे दंपती को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान शशि की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने जांच के बाद हत्या व जानलेवा हमले का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सात साल की लंबी अवधि में मुकदमा चला। इस दौरान वादी पर समझौते का भी दबाव डाला गया, लेकिन उसने समझौता करने से मना कर दिया। मेरठ में एडीजे विशेष न्यायाधीश मोहम्मद गुलाम उल मदार ने देवरानी की हत्या में जेठानी को हत्या व जानलेवा हमले का दोषी पाते हुए निशा को उम्रकैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सरकारी वकील शुची शर्मा ने बताया कि एडीजे विशेष न्यायाधीश मोहम्मद गुलाम उल मदार ने शशि की हत्या का दोषी पाते हुए जेठानी निशा उर्फ सरोज को सजा सुनाई। वहीं आरोपी नेपाल की मृत्यु हो चुकी है। शशि के पति की भी मौत हो चुकी है।

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गांव में चर्चा का विषय बना फैसला

दंपती से कोई संतान न होने पर अर्थदंड की राशि राजकीय कोष में जमा कराई जाएगी। सरकारी अधिवक्ता शुची ने बताया कि यह फैसला समाज के लिए एक नाजीर है। अक्सर घर परिवार के झगड़ों में इस तरह की वारदातें हो जाती हैं। जिसके अंजाम के बारे में नहीं सोचा जाता। उन्होंने कहा कि अरोपित को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लेकर जेल भेज दिया है। वहीं फैसला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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