यूपी के इन जनपदों में अब विद्युत दुर्घटनाएं हुर्इ तो अफसरों आैर कर्मचारियों की खैर नहीं

यूपी के इन जनपदों में अब विद्युत दुर्घटनाएं हुर्इ तो अफसरों आैर कर्मचारियों की खैर नहीं

Sanjay Kumar Sharma | Publish: Aug, 22 2018 07:49:08 PM (IST) Meerut, Uttar Pradesh, India

प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंताआें को दिए निर्देश

 

मेरठ। विद्युत दुर्घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लगाने के लिए अफसरों आैर कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। कर्इ एेसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिन्हें लागू किए जाने के बाद विद्युत दुर्घटनाआें पर अंकुश लग जााएगा। एेसे में अफसरों आैर कर्मचारियों को इन फैसलों पर कड़ार्इ से काम करने के लिए कहा गया है। इसमें टेक्निकल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए भी कहा है।

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वेस्ट यूपी के इन जनपदों में लागू

वेस्ट यूपी के मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मुरादाबाद, हापुड़, अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर आैर रामपुर जनपदों में विद्युत दुर्घटनाआें को लेकर पीवीवीएनएल के एमडी आशुतोष निरंजन ने बहुत चिंता जतार्इ है। उन्होंने इन सभी जनपदों के मुख्य अभियंताआें को निर्देश दिए हैं कि जनपद स्तर पर कार्यरत सभी कुशल या अकुशल लाइनमैनों, उपकेंद्र परिचालकों को विद्युत लाइनों को लेकर उनके रखरखाव आैर अनुरक्षण के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाए।

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शटडाउन नहीं मिलेगा फोन पर

एमडी ने मुख्य अभियंताआें को निर्देश दिए हैं कि कोर्इ भी लाइनमैन बिजली लाइन ठीक करने के लिए फोन पर शटडाउन नहीं लेगा। लाइनमैनों को शटडाउन की अनुमति प्रमाण पत्र पर ही दी जाएगी, उसके बाद वे लाइनों पर काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार विद्युत उपकेन्द्रों एवं विद्युत लाइनों के रखरखाव आैर अनुरक्षण में शिथिलता बरतने पर इससे संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवार्इ की जाएगी।

क्षेत्रवार दिया जाएगा प्रशिक्षण

एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि विद्युत दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उपकेन्द्रों एवं विद्युत लाइनों के रखरखाव तथा अनुरक्षण विषयों पर कुशल एवं अकुशल श्रमिकों, एसएसओ/लाइनमैनों एवं टीजी-2 के लिए विद्युत सुरक्षा के सम्बन्ध में क्षेत्रवार प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे कि भविष्य में विद्युत दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। अधिकांश दुर्घटनाएं जैसे-दूरभाष पर शटडाउन या गलत शट-डाउन, जर्जर तारों के कारण, ओवर हेड कंडक्टर के कारण, सेफ्टी डिवाइस का प्रयोग सुचारू रूप से न किया जाना एवं स्टे में इंश्युलेटर/लाइन अर्थ न होने के कारण तथा जान-बूझकर अवैध रूप से बिना सूचना के विद्युत कार्य को किये जाने के कारण होने वाली विद्युत दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस सम्बन्ध में निर्देशित किया गया है कि दूरभाष पर शटडाउन किसी भी दशा में न दिया जाए एवं लाइनमैनों को विद्युत दुर्घटना रोकने के लिए कार्य अनुमति प्रमाणपत्र पर अनुमति मिलने के बाद ही शटडाउन दिया जाएगा।

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