यहां के जिला पंचायत अध्यक्ष को अपनी ही सत्ता में विकास कार्यों के लिए करनी पड़ रही यह मांग

कर्इ सदस्यों के साथ मिले कमिश्नर से आैर पुरानी प्रक्रिया बहाल करने की मांग की, मिला आश्वासन

By: sanjay sharma

Published: 26 Jan 2018, 12:44 AM IST

मेरठ। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार होने के बावजूद भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष को कमिश्नर से मिलकर एेसी मांग करनी पड़ रही है, जो सत्ता के गलियारे में वह चाहते तो उनकी मांग एेसे ही पूरी हो जाती। जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविन्दर सिंह ने कमिश्नर से कहा कि जिला पंचायत के अंतर्गत कार्य नहीं हो पा रहे हैं, यदि वह इसमें सहयोग करें तो ये विकास कार्य शुरू हो सकते हैं। कमिश्नर ने आश्वासन दिया है।

कमिश्नर से यह मांग

जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविन्दर सिंह ने कमिश्नर डा. प्रभात कुमार से मांग की है कि 16 जनवरी को 17 करोड़ रुपये के टेंडर पास हो चुके हैं, जो नियमानुसार हुए हैं। कुलविन्दर ने वही टेंडर प्रक्रिया बहाली की मांग की है। दरअसल, 17 जनवरी को कमिश्नर ने इस टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करके नए तरीके से टेंडर करने के निर्देश जारी कर दिए थे। उन्होंने कहा कि इस तरह से टेंडर प्रक्रिया करने में महीनों लग जाएंगे आैर जिला पंचायत के कार्य लटक जाएंगे।

दो साल से कार्य नहीं

पिछले दो साल से जिला पंचायत के अंतर्गत कोर्इ कार्य नहीं हुआ है। एेसे में विभिन्न विकास कार्यों को करवाने के लिए 100 ठेकेदार थे, तो अब इनकी संख्या दोगुनी हो गर्इ है। जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविन्दर को हालांकि कमिश्नर ने आश्वासन दिया है, लेकिन यूपी में अपनी सत्ता होने के बावजूद पार्टी के ही जिला पंचायत अध्यक्ष को इस तरह से मांग करने से विपक्षी सदस्यों को मौका मिल गया है। कमिश्नर ने जिला पंचायत के विकास कार्यों करवाने के लिए पिछली टेंडर प्रक्रिया निरस्त करते हुए इसमें दूसरे विभागों के ठेकेदारों को भी कार्यों में शामिल करने के निर्देश दिए थे, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष पुरानी टेंडर प्रक्रिया से कार्य करवाने की मांग कर रहे हैं, ताकि यहां के कार्य समय से शुरू हो सकें। कुलविन्दर के साथ कमिश्नर से मिलने वालों में जिला पंचायत के 17 सदस्य शामिल रहे।

 

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