पुलिस का अमानवीय चेहराः मंदिर के पास खुल रहे शराब के ठेके का विरोध करने वाली महिलाआें पर टूटा कहर

शराब के ठेके का विरोध करने वालों को धरने से उठाया, 33 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

 

By: sanjay sharma

Published: 20 Jul 2018, 11:55 AM IST

मेरठ। यूपी पुलिस अपनी कार्यशैली के लिए हमेशा चर्चाओं में रहती है। मेरठ में पुलिस के अमानवीय चेहरे ने यूपी पुलिस की कार्यशैली को फिर चर्चाओं में ला दिया है। जहां ब्रह्मपुरी थाने के सामने आैर मंदिर के पास खुल रहे शराब के ठेके के विरोधस्वरूप धरने पर बैठी महिलाओं को पुलिस ने हटाने की कोशिश की तो महिलाओं ने पुलिस का विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं की उम्र का लिहाज भी नहीं किया और बूढ़ी महिलाओं को सड़क पर ही घसीटना शुरू कर दिया। उनके साथ साथ धरने में बैठी युवतियों को भी सड़क पर सरेआम घसीटा गया।

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महिलाआें आैर युवतियों को घसीटते हुए ले गर्इ पुलिस

पुलिस ने महिलाओं आैर युवतियों को सड़क पर ही गिराकर घसीटना शुरू कर दिया। उसके बाद तीन महिला को उठाकर गाड़ी में डाल दिया और थाने ले गए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं धरनास्थल से पलंग, पंखा, पानी के ड्रम आदि सामानों को भी गाड़ी में भरकर थाने भिजवा दिया। विदित है कि दो दिन पहले थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के होराम नगर में जो ब्रहमपुरी थाने के सामने ही है पर एक दुकान में शराब का ठेका खोला जा रहा था। जिस का विरोध आसपास की महिलाओं ने यह कहकर किया कि यह ठेका मंदिर से कुछ ही कदम की दूरी पर खोला जा रहा है और साथ ही साथ यहां पर रहने वाले बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। उनका कहना था कि ठेके की वजह से यहां आए दिन छेड़छाड़ की घटनाए भी होती रहती हैं। इसी के विरोध में ये महिलाएं यहां धरना दे रही थी। गुरुवार को दिन में धरनास्थल पर बैठीं महिलाओं ने ढोलक बजाकर विरोध जताया साथ ही उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। गुरुवार की रात सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार, ब्रह्मपुरी थाना पुलिस व महिला पुलिस वहां पहुंची और भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं पर लाठीचार्ज कर दिया आैर उन्हें सरेआम सड़क पर घसीटा गया। उन्हें घसीटकर जीप में डाला गया। इस दौरान हाथापाई भी हुई। रात में ही पुलिस ने बिमला चौधरी व उनकी तीन बेटियों समेत 33 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया।

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सिटी मजिस्ट्रेट ने यह कहा

सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार सिंह की मानें तो महिलाओं ने पुलिस प्रशासन के साथ गाली गलौज की और उन पर पथराव करने की भी कोशिश की। सवाल यह है कि जो योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा की बात करती हैं, क्या वहां इस तरह सरेआम सड़कों पर महिलाओं को घसीटना सही था।

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