पुलिस कस्टडी से कुख्यात बद्दो की फरारी के लिए मोदी की रैली का दिन इसलिए चुना गया था...

पुलिस कस्टडी से कुख्यात बद्दो की फरारी के लिए मोदी की रैली का दिन इसलिए चुना गया था...

Sanjay Kumar Sharma | Publish: Apr, 17 2019 10:12:10 PM (IST) Meerut, Meerut, Uttar Pradesh, India

छह महीने से बन रही थी बद्दो की फरारी की योजना

पुलिस 20 दिन में भी गिरफ्तार नहीं कर पायी कुख्यात

 

मेरठ। पश्चिम उप्र का कुख्यात अपराधी बदन सिंह बद्दो आज पुलिस की पकड़ से भले ही दूर जा चुका हो, लेकिन उसकी फरारी की योजना भीतर ही भीतर गुपचुप तरीके से छह माह से बन रही थी। बदन सिंह बद्दो की फरारी की इस योजना में होटल मालिक से लेकर स्कूल संचालक भी शामिल रहे। वहीं बदन सिंह की फरारी का सूत्रधार उसका बेटा सिकंदर था। जिसने बदन सिंह को भगाने में सभी की भूमिका को उसके हिसाब से तय किया।

यह भी पढ़ेंः पुलिस कस्टडी से कुख्यात बद्दो की फरारी में स्कूल का चेयरमैन गिरफ्तार, अभी हो सकते हैं कर्इ बड़े खुलासे

माकूल था 28 मार्च का दिन

पुलिस कस्टडी से भगाने की योजना करीब छह माह पहले बन चुकी थी। इंतजार था तो माकूल जगह और सही वक्त का। आखिरकार कस्टडी से भागने की तिथि 28 मार्च निर्धारित कर दी गई। बदन सिंह ने फरारी का दिन 28 मार्च तय किया। इसका एक कारण यह भी था कि उस दिन मेरठ में प्रधानमंत्री की रैली थी। जिले का पूरा पुलिस फोर्स रैली में व्यस्त होने के कारण थाने से लेकर चौराहे तक में खाकी अनुपस्थित थी। मोदी की जनसभा के दौरान फोर्स के लगे होेने का फायदा बदन सिंह बद्दो ने उठाया और फरार हो गया। बद्दो को फरार कराने में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रहेगी, यह तय करने के लिए फरार होने से दो दिन पहले होटल मुकुट महल के मालिक के घर आरोपितों की बैठक हुई। इसी बैठक में बद्दो को पुलिस कस्टडी से भगाने का पूरा प्लान बनाया गया था। पुलिस ने केस डायरी में यह राजफाश किया है।

यह भी पढ़ेंः इस मुस्लिम नेता ने कहा- अगर नरेंद्र मोदी जीते तो पाकिस्तान में फूटेंगे जश्न के पटाखे, मतदान को लेकर की ये अपील

ये था पूरा मामला

पश्चिम उप्र का कुख्यात मेरठ के पंजाबीपुरा निवासी बदन सिंह बद्दो फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद था। बीती 28 मार्च को गाजियाबाद कोर्ट में पेशी के बाद वह पुलिसकर्मियों से साठगांठ कर मेरठ के होटल मुकुट महल पहुंचा और पुलिसकर्मियों को शराब पार्टी में लगाकर फरार हो गया। उस पर एसएसपी नितिन तिवारी ने ढाई लाख का इनाम घोषित किया है, लेकिन वह अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। बद्दो को फरार करने के आरोप में फतेहगढ़ पुलिस के छह पुलिसकर्मी तथा बद्दो के दो सहयोगी जेल में हैं। मुकदमे में नामजद बद्दो का बेटा सिकंदर, ट्रांसपोर्टर डिपिन सूरी, व्यापारी नेता लल्लू मक्कड़, व्यापारी सोनू सहगल, होटल मुकुट महल के मालिक मुकेश गुप्ता, व्यापारी अनिल छाबड़ा उर्फ जिम्मी, पपीत बढ़ला तथा सहयोगी शिशुपाल पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था।

UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..

UP Lok sabha election Result 2019 से जुड़ी ताज़ा तरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए Download करें patrika Hindi News App

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned