मिर्जापुर के इस गांव में बिजली के लिए तरस रहे किसान, देखें वीडियो

मिर्ज़ापुर के नक्सल प्रभावित राजगढ़ इलाके का हाल बिजली कटौती से किसान परेशान...

By: ज्योति मिनी

Published: 04 Dec 2017, 04:16 PM IST

मिर्जापुर. योगी सरकार बनने के बाद ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने के दावे लगातार किये जा रहे हैं। हाल ही में ग्रामीण इलाकों में बिजली के बिल कि दरों में बढ़ोतरी भी कि गई है। मगर जमीनी हकीकत सरकारी दावों से उलट है।जिले के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक नक्सल क्षेत्र राजगढ़ और खोराडीह मे सरकारी दावे फेल नजर आ रहे हैं। यहां कुल 8 से 10 घंटे बिजली मिल पा रही है। इसमें में भी लगातार लो वोल्टेज के कारण इलाके के ग्रामीण परेशान हैं।

खेती के मौसम में बिजली कि बनी समस्या से इस समय किसान पानी के लिए परेशान से हो गए हैं। एक बीघा खेत की सिंचाई करने में 20 घंटे लग रहे हैं लेकिन बिजली ना मिलने से किसान डीजल से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। लिहाजा दो सौ रुपए घंटे के हिसाब से गेंहू की सिंचाई हो रही है। जिसकी वजह से खेती में किसानों की लागत बहुत ही ज्यादा बढ़ रही है। बिजली कि समस्या पर सरकार भी किसानो पर ध्यान नहीं दे रही है।एक मात्र सहारा बिजली है जो सही तरीके से नहीं मिल रही है। इस समय किसान गेंहू की बुआई में लगे हुए हैं।

लेकिन बिजली बार-बार कटने से सिचाई प्रभावित हो रही है। जिससे क्षेत्र के किसानों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश रहता है। अगर कभी एक दो दिन बिजली सही आती है तो दूसरे दिन बिजली खराब हो जाती है। राजगढ़ फीडर पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है, लेकिन बिजली विभाग इस फीडर को चालू नहीं कर रहा है। जिससे बिजली की समस्या इलाके में लगातार बनी रहती है।

बिजली के सुधार के लिए दावे तो बहुत किए जाते हैं। मगर किसानों की समस्या अभी भी बनी रहती है। बिजली विभाग की हालत यह है कि, वह बिजली के बिल के लिए कैंप लगवाए जाते हैं। बिजली के बिल के लिए किसानों को परेशान किया जाता है। लेकिन बिजली सुधारने के लिए कोई व्यवस्था नहीं हो रही है। राजगढ़ बिजली विभाग के जेई राजेश कुमार कभी कभी पावर हाउस आते हैं। किसान अपनी समस्या किससे कहें कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।

input- सुरेश सिंह

ज्योति मिनी
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