पाक की नापाक हरकत: सीमापार गोलीबारी में बीएसएफ का 1 जवान शहीद, 2 नागरिक घायल

पाक की नापाक हरकत: सीमापार गोलीबारी में बीएसएफ का 1 जवान शहीद, 2 नागरिक घायल

अंतरराष्‍ट्रीय सीमा पर रमजान के दिनों में गोलीबारी कर पाकिस्‍तान के सैनिकों ने बदनीयती का परिचय दिया।

नई दिल्‍ली। रोजा के दिनों में पाकिस्‍तानी सेना ने नापाक हरकत का परिचय देते हुए आरएस पुरा क्षेत्र में युद्धविराम का उल्‍लंघन किया है। पाक सेना के जवानों ने गोलीबारी की घटना को आरएस पुरा क्षेत्र में अंजाम दिया। गोलीबारी के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान की मौत हो गई। गोलीबारी में दो नागरिकों के घायल होने की भी सूचना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने भी पाक की तरफ से हुई गोलीबारी का करारा जवाब दिया है। पाकिस्‍तान की हरकत को देखते हुए आरएस पुरा क्षेत्र में अंतरराष्‍ट्रीय सीमा से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थिति स्कूलों को प्रशासन ने बंद करा दिया है।

कृष्‍णा घाटी हमले 5 जवान हुए थे घायल
जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अप्रैल माह के पहले सप्‍ताह में पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी में पांच जवान घायल हो गए थे। उस समय भी पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे के कृष्णा घाटी सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। उक्‍त घटना में एक अधिकारी सहित घायल जवानों को उधमपुर स्थित सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना के एक दिन पहले यानी सोमवार को भी पाक सेना ने राजौरी जिले के केरी इलाके में भारी गोलाबारी की थी। रविवार को पुंछ जिले के खारी करमारा इलाके में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया था।

2017 में 1900 बार युद्धविराम उल्‍लंघन
हालां‍कि पाक की तरफ से यह कोई पहली घटना नहीं है जब सीमा पर संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ हो, पिछले एक साल में इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं जिससे सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी पाकिस्तानी सेना की तरफ से फरवरी, 2018 में जारी आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने बताया है कि पिछले एक साल में भारत की तरफ से 1,900 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि साल 2018 मे भारत की तरफ से 190 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया जा चुका है जिसमें 13 नागरिकों की मौत की बातें भी शामिल है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि सीमा पर जो कम तीव्रता वाला तनाव का माहौल हमेशा बना रहता था वह अब संघर्ष का रूप लेने लगा है।

 

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