आधार से रुकी धोखाधड़ी, बचे सरकार के 58 हजार करोड़ रुपए: नीलेकणी

shachindra shrivastava

Publish: Oct, 13 2017 04:07:38 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2017 05:04:13 PM (IST)

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आधार से रुकी धोखाधड़ी, बचे सरकार के 58 हजार करोड़ रुपए: नीलेकणी

डिजिटल ढांचा बनाना भारत में यह ज्यादा आसान हुआ है यहां अब 100 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है।

वाशिंगटन। इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के मुताबिक आधार योजना से सरकार को करीब 58500 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस योजना से 1 अरब लोगों को जोड़ा गया है और इससे सरकारी खजाने के 9 अरब डॉलर यानी 58 हजार 500 करोड़ रुपए बचे हैं। यह बचत लाभार्थियों की सूची में धोखाधड़ी और गड़बड़ी से बचने के कारण हुई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की इस योजना को मौजूदा भाजपा नीत राजग सरकार ने काफी समर्थन दिया है।
नीलेकणी ने यह बयान वर्ल्ड बैंक पैनल में डिजिटल इकोनॉमी पर चर्चा करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों के लिए डिजिटल ढांचा बनाना आसान है। भारत में यह ज्यादा आसान हुआ है यहां अब 100 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है।

50 करोड़ भारतीयों के खाते आधार से जुड़े
नीलेकणी ने आधार कार्ड की खूबियां गिनाते हुए कहा कि आधार कार्ड का नंबर यूनीक होने के कारण अब आप लोगों की पहचान कर सकते हैं। इससे पैसा सीधे उनके खाते में जमा होता है। लगभग 50 करोड़ भारतीयों ने अपनी आधार कार्ड को बैंक खाते से जोड़ दिया है।

दुनिया का सबसे बड़ा नकद ट्रांसफर सिस्टम
नीलेकणी ने कहा कि भारत सरकार लगभग 12 बिलियन डॉलर यानी करीब 78 हजार करोड़ रुपए सीधे बैंक खातों में भेज रही है। यह दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले सबसे बड़ा नकद ट्रांसफर सिस्टम है। इस कार्यक्रम में नीलेकणी ने कहा कि डाटा इकोनॉमी के क्षेत्र में पहचान और कागज रहित ट्रांजेक्शन होना काफी जरूरी है। भारत यही काम कर रहा है।

वे वर्ल्ड बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने वाशिंगटन पहुंचे हैं। मूल कार्यक्रम के इतर एक अन्य कार्यक्रम में हिस्सेदारी के दौरान नीलेकणी ने कहा कि आधार नंबर के कारण योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचा है और इससे सरकार को 58 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई। इसकी वजह से फर्जी लाभार्थी और नकली लिस्ट जैसी समस्याओं से निजात मिली है।

यूनीक आइडेंटिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआआई) के पूर्व अध्यक्ष नीलेकणी ने कहा कि मैं इस बात का पुरजोर समर्थक हूं कि अगर आप सही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लेते हैं, तो आप बड़ी छलांग लगा सकते हैं।

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