पुलिस कमिश्नरः ट्रैक्टर परेड में शर्तों को न मानकर किया गया विश्वासघात

Highlights

  • परेड के लिए दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक का समय भी दिया गया था।
  • उन्होंने कहा कि पांच हजार से अधिक ट्रैक्टर रैली में नहीं होने चाहिए का लिखित निर्देश दिया गया था।

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर बुधवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने किसान नेताओं पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया। पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर बताया कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम और शर्तों के साथ परेड की इजाजत दी थी। इसके लिए किसान नेताओं को लिखित संदेश दिया था। परेड के लिए दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक का समय भी दिया गया था।

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इसके लिए सख्त नियम भी बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि 5000 से अधिक ट्रैक्टर रैली में नहीं होने चाहिए का लिखित निर्देश दिया गया था। उनके पास कोई हथियार भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंसा में किसान नेता भी शामिल हुए और इस दौरान हमने काफी संयम बरता। किसान नेताओं ने हमारे साथ विश्वासघात किया।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उन्हें 2 जनवरी को पता चला था कि किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली करने जा रहे हैं। किसानों से पहले प्रस्ताव दिया गया था कि कुंडली मानेसर पलवल पर ट्रैक्टर मार्च निकालें लेकिन किसान दिल्ली में ही ट्रैक्टर रैली निकालने पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी की देर शाम तक यह सामने आया कि किसान अपनी बात नहीं रख रहे थे। वे आक्रामक और उग्रवादी तत्वों को सामने लाए। इन्होंने मंच पर कब्जा कर लिया और भड़काऊ भाषण दिए। इससे उनके इरादे साफ हो गए।

Mohit Saxena
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