#karsalam मिलिए इस जाबांज से जिसके जुनून को बंदूक की गोलियां भी न रोक सकीं

Ravi Gupta

Publish: Jan, 13 2018 06:05:27 (IST)

Miscellenous India
#karsalam मिलिए इस जाबांज से जिसके जुनून को बंदूक की गोलियां भी न रोक सकीं

भारत के इस सुपूत्र ने ग्रेनेड से अटैक कर सभी पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया।

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस जल्द ही आने वाला है और ऐसे में अपने वीर शहीदों को याद न किया जाएं तो देश के प्रति बेइमानी सी होगी। हांलाकि जिनक ी वजह से हम सुरक्षित है, उन्हें याद करने के लिए तो किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन गणतंत्र दिवस का अपना अलग ही महत्व है। आज भी हम आपको भारत के एक वीर सुपूत के वीर गाथा के बारे में बताएंगे। आप सभी को कारगिल का युद्ध तो याद ही होगा। इस युद्ध में हज़ारों सैनिकों ने अपना बलिदान देकर हम सभी देशवासियों के प्राणों की रक्षा की है। इस भारत-पाकिस्तान के युद्ध में भारतमाता के हज़ार जवान पुत्रों ने देश की खातिर अपने प्राणों की आहुति दे दी।

आज कारगिल के युद्ध में शहिद हुए एक बहादुर जवान के बारें में हम आपको बताएंगे। इस वीर पुरूष का नाम था योगेंद्र यादव। बताया जाता है कि, करगिल वॉर के दौरान योगेंद्र 18 ग्रेनेडियर्स के इकलौते बचे सैनिक हैं। तब 18 ग्रेनेडियर्स को आदेश दिया गया था कि वे टाइगर हिल पर कब्जा करें। लेकिन पहाड़ पर चढ़ाई करने के दौरान ही पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर आक्रमण कर दिया और योगेंद्र को छोड़कर बाकी सभी सैनिक मारे गए। हालांकि योगेंद्र तब तक शहीद तो नहीं हुए लेकिन उनके्र के शरीर में भी खुद 15 बुलेट लगी। लेकिन इतना होने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी और पाकिस्तानी सैनिकों को ये कहकर पलटवार किया कि दिया अब तक नहीं मरा, तो अब भी नहीं मरुंगा।

जहां एक गोली से लोग मर जाते हैं तो जरा सोचिए 15 गोलियों के बौछार ने भी इस जवान के देश के प्यार और हौसले को कम नहीं होने दिया। इसके बाद अपने उस हालत में ही भारत के इस सुपूत्र ने ग्रेनेड से अटैक कर सभी पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। इन्हें परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया है। भारत के इस वीर सेना को पत्रिका परिवार की ओर से सलाम।

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