वायु प्रदूषण: हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को घेरा, सुझाए कई उपाय

  • मामले की अगली सुनवाई आगामी 2 दिसंबर को।
  • निर्माण सामग्री ढकी रहे, विभाग करें सुनिश्चित।
  • सड़कों से अतिक्रमण हटाएं और यातायात सुचारू करें।

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और अन्य विभागों को फटकार लगाई। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए कई उपाय भी सुझाए।

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दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ ने कहा कि यह समस्या वायु प्रदूषण के स्तर को नीच लाने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों को लागू करने में संबंधित विभागों द्वारा इच्छाशक्ति की कमी में ही है।

इसके साथ ही खंडपीठ ने कई उपाय सुझाए और कहा कि अक्टूबर से लेकर जनवरी माह तक कोई भी नया ढांचा नष्ट नहीं किया जाएगा। अदालत ने विभागों से यह भी कहा कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं कि कहीं भी निर्माण सामग्री खुली न रहे।

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शहर में यातायात की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए अदालत ने नई दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (एनडीएमसी) और अन्य नगर निगमों से कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

ऐसा देखा गया है कि अगर पुराने आदेश माने जाते तो जो प्रदूषण का स्तर आज है, नहीं होता।

खंडपीठ ने आगे कहा, "अगर हमें दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त बनाना है तो नागरिकों समेत इससे जुड़े सभी लोगों को आगे बढ़कर भूमिका निभानी होगी।" अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

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अमित कुमार बाजपेयी
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