केंद्र और दिल्ली सरकार को HC की फटकार, पूछा- वैक्सीन नहीं है तो फिर इतने सेंटर क्यों खोले

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है और कोविड वैक्सीनेशन को लेकर जवाब मांगा है।

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए तेजी के साथ टीकाकरण करऩे पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन आवश्यकता के अनुरुप वैक्सीन का उत्पादन नहीं होने के कारण कई राज्यों में टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ है।

एक याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही नोटिस भी जारी किया है और वैक्सीनेशन को लेकर जवाब मांगा है।

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कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी करें और COVID-19 वैक्सीन के लिए पात्र लोगों को COVID वर्किंग ग्रुप द्वारा अनुशंसित अवधि के भीतर टीकों की दूसरी खुराक सुनिश्चित करें।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने राजीव पाराशर द्वारा अधिवक्ता अमरीश कुमार त्यागी, दीपक पाराशर, हिमांशु शुक्ला और प्रखर सिंह के माध्यम से दायर याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 4 जून को होगी।

दिल्ली सरकार को कोर्ट ने लगाई फटकार

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वैक्सीन को लेकर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार निर्धारित समय-सीमा में लोगों को कोवैक्सीन की दोनों खुराक नहीं लगवा सकती, तो ‘‘इतने जोर-शोर’’ से टीकाकरण केंद्र शुरू क्यों किया? यदि आपके पास वैक्सीन नहीं तो फिर टीकाकरण बंद कर देना चाहिए।

अदालत ने आगे कहा, ‘‘अगर आपको (दिल्ली सरकार) पूरी तरह निश्चित पता नहीं था कि आप दूसरी खुराक भी मुहैया करा सकते हैं तो टीकाकरण क्यों शुरू किया? आपको बंद कर देना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार को जब लगा कि वे दूसरी खुराक नहीं दे सकते तो उन्होंने इसे बंद कर दिया। आपने हर जगह इतने जोर-शोर से कई सारे टीकाकरण केंद्र खोले और अब कह रहे हैं कि आपको पता नहीं कि दूसरी खुराक कब उपलब्ध होगी।"

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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार ये बताएं कि क्या वह कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके लोगों को दोनों खुराकों के बीच छह सप्ताह का अंतराल समाप्त होने से पहले दूसरी खुराक मुहैया करा सकती है। इसके अलावा कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों टीकों की दूसरी खुराक उपलब्ध कराने का अनुरोध करने वाली दो याचिकाओं पर भी केंद्र को भी नोटिस जारी किया है।

दूसरी डोज के लिए बढ़ाई गई समयावधि

COVID-19 के लिए वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (NEGVAC) के COVID वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों के अनुसार, टीकों की दो खुराक व्यक्तियों को दी जा रही है और कोविशील्ड के लिए पहली और दूसरी खुराक के बीच शुरू में चार से छह सप्ताह का समय अंतराल निर्धारित था, जिसे मार्च में बढ़ाकर छह से आठ सप्ताह कर दिया गया था।

अभी हाल ही में 13 मई को इसे बढ़ाकर 12-16 सप्ताह कर दिया गया है। साथ ही, COVAXIN की दूसरी खुराक के चार से छह सप्ताह की समयावधि की सिफारिश की गई है।

Anil Kumar
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