विपासना को देखकर जोर-जोर से थाने में रोई हनीप्रीत, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत बढ़ाई

ashutosh tiwari

Publish: Oct, 13 2017 06:04:50 (IST)

Miscellenous India
विपासना को देखकर जोर-जोर से थाने में रोई हनीप्रीत, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत बढ़ाई

कोर्ट ने हनीप्रीत और उसकी सहयोगी को 23 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

नई दिल्ली। हरियाणा की पंचकूला जिला अदालत में गुरुवार को हनीप्रीत और उसकी सहयोगी सुखदीप कौर की पेशी हुई। इस दौरान कोर्ट ने दोनों को 23 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों को अंबाला जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

हनीप्रीत को मोबाइल मिला
वहीं सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस के जांच दल ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने हनीप्रीत का मोबाइल बरामद कर लिया है, लेकिन अभी लैपटॉप नहीं मिला है। पुलिस ने इससे पहले बताया कि था कि हनीप्रीत ने हिंसा भड़काने के लिए मैप में कई जगहों को चिह्नित किया था। ये मैप हनीप्रीत के लैपटॉप में है। ऐसे में अगर पुलिस को लैपटॉप मिलता है तो पंचकूला हिंसा से जुड़े कई राज पुलिस के सामने आएंगे।

विपासना के सामने रो पड़ी हनीप्रीत
डेरे की चेयरपर्सन विपासना भी पंचकूला के सेक्टर 23 स्थित थाने पहुंची। इस दौरान हनीप्रीत और विपासना को आमने सामने बिठाकर पुलिस ने पूछताछ किया। सूत्रों के मुताबिक विपासना को देखते ही हनीप्रीत जोर-जोर से रोने लगी। विपासना को पुलिस ने कई बार नोटिस भेज तक जाकर वो थाने पहुंची।

पंचकूला हिंसा में हनीप्रीत ने की थी फंडिंग
एसआईटी के सामने हनीप्रीत ने कबूल किया है कि राम रहीम के जेल जाने के बाद हरियाणा और पंजाब में हुई हिंसा के पीछे उसका हाथ था। इसके साथ ही हिंसा के लिए सवा करोड़ रुपये की फंडिंग भी की गई थी। वहीं एसआईटी ने अदालत को बताया कि उसी ने देश विरोधी वीडियो वायरल किया था।

बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा काट रहा राम रहीम
गौरतलब है कि पंचकूला की स्पेशल सीबीआई अदालत ने राम रहीम को दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने राम रहीम पर 15-15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़ित साध्वियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर राम रहीम की सजा को उम्र कैद में बदलने की मांग की है।

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