2007 हैदराबाद दोहरा बम ब्लास्ट: कोर्ट ने 2 दोषियों को फांसी और 1 को उम्रकैद की सजा सुनाया

2007 हैदराबाद दोहरा बम ब्लास्ट: कोर्ट ने 2 दोषियों को फांसी और 1 को उम्रकैद की सजा सुनाया

गौरतलब है कि गोकुल चाट और लुंबिनी पार्क में 2007 में हुए दो बम विस्फोट मामले में एनआईए के स्पेशल कोर्ट ने 4 सितंबर को फैसला सुनाया था।

नई दिल्ली: 2007 हैदराबाद डबल ब्लास्ट केस में सजा का ऐलान कर दिया गया है। एनआईए कोर्ट ने गोलुक चाट और लुंबनी ब्लास्ट केस में अनीक सयैद और इस्माइल चौधरी को फांसी की सजा सुनाया है। वहीं अदालत ने दोषी तारीक अनजुम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि गोकुल चाट और लुंबिनी पार्क में 2007 में हुए दो बम विस्फोट मामले में एनआईए के स्पेशल कोर्ट ने 4 सितंबर को फैसला सुनाया था। अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकियों को दोषी करार दिया था। वहीं दो को बरी कर दिया है। दोनों दोषियों के नाम अनीक शफीक सैयद और इस्माइल चौधरी है।

धमाकों में गई थी 44 लोगों की जान

यह धमाका मशहूर कोटी क्षेत्र के गोकुल चाट भंडार में हुआ था। दूसरा लुंबिनी पार्क में बम धमाका शाम 7 बजकर 30 मिनट पर हुआ था। इन दोहरे बम धमाकों में 44 लोगों की जान चली गई थी और 68 लोग घायल हो गए थे। आपको बता दें कि लुंबिनी पार्क में एक व्यक्ति अपने साथ बैग में IED लेकर पहुंचा था। चश्मदीदों ने बताया कि बम फटने के बाद आसपास लाशों के ढेर लग गया। मृतकों में अधिकतर छात्र थे, जो कि महाराष्ट्र के रहने वाले थे। इस मामले में पहली गिरफ्तारी जनवरी 2009 को हुई। आरोपियों के खिलाफ 170 गवाहों ने अदालत में गवाही दी।

इंडियन मुजाहिदीन के भटकल ब्रदर्स था धमाकों का मास्टरमांइड

बता दें कि इस मामले की ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चल रही थी। तेलंगाना काउंटर इंटेलीजेंस सेल ने 7 लोगों को आरोपी बनाया था और तीन अलग-अलग चार्जशीट दायर की थी। जांच के दौरान पाया गया कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक रियाज भटकल और इकबाल भटकल इन धमाकों के मास्टरमांइड थे, जो अभी भी फरार है। साथ ही अनिक शफीक सईद, मोहम्मद अकबर इस्माइल चौधरी, फारुख शर्फूद्दीन, मोहम्मद सादिक शेख और आमिर रसूल खान भी इन धमाकों में शामिल थे। पांचों आरोपियों के खिलाफ चल रहे केस को इस साल जून में नामपल्ली अदालत परिसर में स्थित अदालत से स्थानांतरित कर चेरलापल्ली केंद्रीय कारागार के परिसर में स्थित अदालत कक्ष लाया गया था।

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