India-China Face Off: अब Bihar में China को झटका, केन्द्र ने चीनी कंपनियों से छीना मेगा प्रोजेक्ट

  • India-China Tension: केन्द्र सरकार ( Central Government ) ने चीन को दिया एक और झटका
  • बिहार ( Bihar ) में चीनी कंपनियों ( Chinese Companies ) से छीना मेगा प्रोजेक्ट
  • 2,900 करोड़ रुपए की थी योजना, 2023 में पूरा होना था निर्माण कार्य

नई दिल्ली। भारत और चीन (India China Face Off ) के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में दोनों देशों के सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तल्खी काफी बढ़ गई है। वहीं, भारत ( India ) की ओर से भी चीन को एक के बाद एक करारा जवाब दिया जा रहा है। इसी कड़ी में केन्द्र सरकार ( Central Government ) ने ड्रैगन ( Dragon ) को बिहार ( Bihar ) में अब बड़ा झटका दिया है। बताया जा रहा है कि चीनी कंपनियों ( Chinese Companies ) से सरकार ने मेगा प्रोजेक्ट ( Mega Project ) छीन लिया है।

सरकार ने मेगा प्रोजेक्ट किया रद्द

दरअसल, बिहार (Bihar) में गंगा नदी (Ganga River) पर बनने वाले एक मेगा ब्रिज परियोजना ( Mega Bridge Construction ) के टेंडर ( Tender ) को अचानक रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियां भी शामिल थी। इसलिए, इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, इस मेगा ब्रिज का निर्माण पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु ( Mahatma Gandhi Setu ) के पास में होना था। बिहार सरकार ( Bihar Government ) में सड़क निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ( Nand Kishore Yadav ) ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में चार कॉन्ट्रैक्टर थे, जिसमें दो के पार्टनर चाइनीज थे। नंद किशोर यादव ने कहा कि जिन कंपनियों के पार्टर चाइनीज कंपनी थे। हमने उन्हें बदलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। लिहाजा, इस टेंडर को रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब दोबारा टेंडर के लिए आवेदन मंगाए जाएंगे।

2023 में तैयार होना था पुल

एक अधिकारी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के तहत 5.6 किलोमीटर लंबा पुल अन्य छोटे पुल, अंडरपास और एक रेल ओवरब्रिज ( Rail Over Bridge ) बनना था। इसके लिए 2,900 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। अधिकारी ने कहा कि इस परियोजना को रद्द करने का निर्णय चीनी सैनिकों ( India China Tension ) के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद लिया गया। यहां आपको बता दें कि दिसंबर, 2019 में मोदी सरकार ( Modi Government ) की कैबिनेट समिति ने इस योजना की मंजूरी दी थी। इस योजना की निर्माण अवधि साढ़े तीन साल की थी और जनवरी, 2023 तक इसे पूरा होना था। लेकिन, अचानक टेंडर रद्द होने से अब परियोजना की अवधि बढ़नी तय है। क्योंकि, अब सरकार नए सिरे से एक बार टेंडर के लिए लोगों से आवेदन मंगाएगी। यहां आपको बता दें कि 15-16 जून की रात में गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में भारतीय-चीनी सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। जिसके बाद से चीनी समानों और कंपनियों का बहिष्कार लगातार जारी है।

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