जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल सत्यपाल मलिक का बयान, 15 अगस्त के बाद प्रतिबंधों में मिलेगी ढील

जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल सत्यपाल मलिक का बयान, 15 अगस्त के बाद प्रतिबंधों में मिलेगी ढील

Kaushlendra Pathak | Publish: Aug, 14 2019 09:25:18 AM (IST) | Updated: Aug, 14 2019 12:49:30 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

  • Jammu Kashmir Updates: इंटरनेट और फोन सेवा बहाल में होने में लगेगा वक्त
  • सात से 10 दिनों में घाटी में स्थिति हो जाएगी सामान्य- राज्यपाल

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद माहौल अब तक तनावपूर्ण है। घाटी में कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं। हालांकि, जम्मू में राहत मिली है लेकिन कश्मीर में अब भी सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि 15 अगस्त के बाद प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।

एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में सत्यपाल मलिक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद पाबंदियों में ढील ती जाएगी। लेकिन, इंटरनेट और फोन सेवा बहाल में होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद आवागमन पर लगाई गई पाबंदी में ढील दी जाएगी।

लेकिन, सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी सेवाएं बहाल होने में अभी वक्त लगेगा। राज्यपाल ने फोन और इंटरनेट को युवाओं को गुमराह करने और भड़काने का हथियार बताया है। उन्होंने कहा कि हम दुश्मन को वह हथियार तब तक नहीं देना चाहते जब तक की सारी चीजें सामान्य न हो जाएं।

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file photo

गवर्नर मलिक ने आश्वासन दिया है कि सात से दस दिनों में घाटी में स्थिति सामान्य हो जाएगी और फिर धीरे-धीरे संपर्क के साधन बहाल होने लगेंगे। राज्यपाल के इस बयान से प्रतीत हो रहा है कि अब स्थिति सामान्य होने लगी है और जल्द ही घाटी के लोग सभी सुविधाओं के लुत्फ उठाने लगेंगे।

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर तंज कसते हुए मलिक ने कहा कि उन्हें अब तक जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सीमा पर प्रोपोगैंडा के आधार पर बातें कर रहे हैं। इतना ही नहीं राज्यपाल ने राहुल गांधी को भेज निमंत्रण को भी वापस ले लिया है।

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गौरतलब है कि दो दिन पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि हम राहुल गांधी के लिए विमान भेजेंगे ताकि वो जम्मू-कश्मीर आकर स्थिति का जायजा लें। इस पर राहुल ने कहा था कि हमें विशेष विमान की नहीं बल्कि वहां घूमने-फिरने की आजादी चाहिए। साथ ही विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को भी जम्मू-कश्मीर आने की इजाजात राहुल ने मांगी थी।

 

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