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कश्मीर में मौसम की सबसे सर्द रात, 2009 के बाद पहली बार हुई नवंबर में बर्फबारी

बड़े पैमाने पर बिजली कटौती के चलते कश्मीर घाटी अंधेरे में डूबी रही। प्रशासन ने बिजली जाने के पीछे शनिवार को हुई भारी बर्फबारी को वजह बताया है। साल 2009 के बाद घाटी में पहली बार नवंबर में बर्फबारी हुई है।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 4 Nov 2018, 11:52 AM IST

बर्फबारी

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण दिल्‍ली का पारा गिरा, हो सकती है बारिश

श्रीनगर। कश्मीर में रविवार को न्यूनतम तापमान रविवार को हिमांक बिंदु से नीचे पहुंच गया। श्रीनगर में मौसम की सबसे सर्द रात देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी।

पहलगाम में तापमान शून्य से 0.5 डिग्री नीचे, गुलमर्ग में शून्य से 5.0 डिग्री नीचे, लेह में शून्य से 1.5 डिग्री नीचे और कारगिल में शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। विभाग के मुताबिक, जम्मू क्षेत्र में बनिहाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया, जबकि बटोटे में 1.5 डिग्री, भदरवाह में 2.6 डिग्री, कटरा में 10.4 डिग्री और जम्मू शहर में 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि शनिवार को ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी होने और मैदानी इलाकों में सामान्य बारिश होने के बाद रविवार से मौसम में सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर में सोमवार से से लेकर तीन सप्ताह तक शुष्क मौसम रहने की संभावना है।"

खराब दृश्यता के चलते शनिवार दोपहर से श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि जवाहर सुरंग क्षेत्र में भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग अवरुद्ध हो गया।

बड़े पैमाने पर बिजली कटौती के चलते कश्मीर घाटी अंधेरे में डूबी रही। प्रशासन ने बिजली जाने के पीछे शनिवार को हुई भारी बर्फबारी को वजह बताया है। साल 2009 के बाद घाटी में पहली बार नवंबर में बर्फबारी हुई है।

कश्मीर के चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिक मेन्टेनेंस) हशमत काजी ने कहा कि बिजली की आपूर्ति लाइनों पर पेड़ों की शाखाएं गिरने के चलते यह समस्या पैदा हुई है। काजी ने कहा, "ट्रांसमिशन लाइनों में व्यवधान के कारण आमतौर पर 1300 मेगावाट होने वाली बिजली आपूर्ति अब 80 मेगावाट तक आ गई है।"

उन्होंने कहा कि बिजली विकास विभाग की पूरी टीम ट्रांसमिशन लाइनों और ग्रिड स्टेशनों की बहाली पर काम कर रही है।इस दौरान घाटी और बाकी देश के बीच उड़ानें और सड़क मार्ग संपर्क भी बंद रहा।

बर्फबारी ने श्रीनगर-लेह राजमार्ग और मुगल रोड को भी बंद कर दिया है जो घाटी को लद्दाख क्षेत्र और जम्मू संभाग के राजौरी जिले से जोड़ता है। अंतर जिला परिवहन भी प्रभावित हुआ क्योंकि सड़कों पर बर्फ होने के चलते फिसलन की स्थिति बन गई।

अधिकारियों ने कहा कि मुगल रोड पर पीर की गली और श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के जवाहर सुरंग क्षेत्र में भारी बर्फबारी में फंसे करीब 500 लोगों को बचाया गया है।