
नई दिल्ली। निजामुद्दीन मरकज ( Nizamuddin Markaj ) का मामला गरमाने के बाद बुधवार को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ( Deputy CM Manish Sosodia ) ने एक तरफ दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) और मेडिकल टीम का आभार जताया तो दूसरी तरफ मरकज में शामिल लोगों से सामने आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन ( Lockdown ) को तोड़ना गंभीर मामला है। इसलिए मरकज में शामिल लोगों के पास केवल एक विकल्प खुद सामने आने की है।
उन्होंने बताया कि निजामुद्दीन मरकज में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई सुबह 4 बजे तक चली। कुल 2,361 लोगों को निजामुद्दीन मरकज से बाहर निकाला गया। इनमें से 617 लोगों को हॉस्पिटल भेजा गया। जिन लोगों को खांसी या सर्दी की शिकायत थी उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया। शेष लोगों को क्वारनटाइन में रखा गया है।
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने निजामुद्दीन मरकज में शामिल लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से वापस निकालने और कोरोना जांच को जारी रखने के लिए पुलिस और मेडिकल टीम को धन्यवाद दिया है। सिसोदिया ने कहा कि दो हजार से ज्यादा लोगों को मरकज से निकाला गया। पुलिसकर्मी और मेडिकल टीम के लोग यह जानते थे कि इनमें से कई लोग कोरोना पीड़ित हो सकते हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपना मिशन जारी रखा।
पुलिस जांच को लेकर सिसोदिया ने कहा कि साइबर सेल ( Cyber Cell ) मरकज में शामिल लोगों के नंबरों की जांच करेगी। इस बात का पता लगाएगी कि ये लोग इस दौरान किस—किस से मिले थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं इस मरकज में शामिल सभी लोगों से कहना चाहूंगा कि आप सब सामने आएं। अगर छुपाकर रखेंगे तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़कों पर भीड़ जमा होना, राष्ट्रीय आपदा कानून के तहत अपराध माना जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
Updated on:
1 Apr 2020, 3:12 PM IST
Published on:
1 Apr 2020, 3:00 PM IST
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