DUSU चुनाव: NSUI का 4 साल का वनवास हुआ खत्म, 2 बड़ी सीटों पर दर्ज की जीत

ashutosh tiwari

Publish: Sep, 13 2017 02:48:00 (IST) | Updated: Sep, 13 2017 04:52:00 (IST)

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DUSU चुनाव: NSUI का 4 साल का वनवास हुआ खत्म, 2 बड़ी सीटों पर दर्ज की जीत

DUSU की प्रेसिडेंट पोस्ट पर NSUI के रॉकी तुसीद ने एबीवीपी के कुनाल सेहरावत को दी है मात।

नई दिल्ली: दिल्ली छात्रसंघ चुनाव 2017 के नतीजे आ गए हैं। इस साल के नतीजों में कांग्रेस की स्टूडेंट ईकाई NSUI ने जबर्दस्त वापसी की है। NSUI ने पैनल की प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के खाते में 2 सीटें आई हैं। एनएसयूआई ने प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट पोस्ट पर कब्जा किया है तो एबीवीपी के खाते में सेक्रेटरी और ज्वॉइंट सेक्रेटरी की पोस्ट पर कब्जा किया है। कांग्रेस की स्टूडेंट ईकाई NSUI ने इस साल जबर्दस्त वापसी करते हुए 4 में से 2 सीटों पर कब्जा किया है। NSUI ने छात्रसंघ की प्रेसीडेंट पोस्ट समेत, वाइस प्रेसिडेंट और ज्वाइंट सेक्रेटरी की पोस्ट पर कब्जा किया है, तो वहीं एबीवीपी के खाते में भी 2 सीटें आई हैं। आपको बता दें कि पिछले कई सालों से यूनियन की सभी सीटों पर एबीवीपी का कब्जा रहा है। इसिलिए इस हार को एबीवीपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

रॉकी तुसीद ने रजत चौधरी को दी मात
DUSU की प्रेसिडेंट पोस्ट पर NSUI के रॉकी तुसीद ने ABVP के रजत चौधरी को मात दी है। वहीं वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट पर कुनाल सेहरावत ने जीत दर्ज की है। कुनाल ने एबीवीपी के पार्थ राणा को मात दी है। वहीं ज्वॉइंट सेक्रेटरी की पोस्ट पर NSUI के अविनाश यादव को हार काम सामना करना पड़ा है। उन्हें एबीवीपी के उमा शंकर ने मात दी है। इसके अलावा ज्वॉइंट सेक्रेटरी की पोस्ट पर एबीवीपी की महामेधा नागर ने NSUI की मीनाक्षी मीना को हराया है।

शुरुआत में ABVP ने बनाई थी बढ़त
हालांकि काउंटिग के दौरान शुरुआत में ABVP ने चारों सीटों पर बढ़त बनाई हुई थी, लेकिन बाद में एनएसयूआई ने कड़ी टक्कर देते हुए जीत दर्ज कर ली। पिछले साल एबीवीपी ने डूसू के सेंट्रल पैनल में 4 में से 3 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था। पिछले 4 साल से एबीवीपी डूसू पर काबिज़ है।

NSUI की चार साल बाद वापसी
DUSU चुनाव में NSUI की जीत कांग्रेस के लिए भी एक राहत भरी खबर लेकर आई है, क्योंकी पिछले 4 साल से NSUI हार का सामना कर रही थी। हालांकि पिछले साल जॉइंट सेक्रटरी के पोस्ट पर NSUI के मोहित गरीड़ ने बाज़ी मारी थी।

रॉकी तुसीद को हाईकोर्ट से मिली थी राहत
चुनाव से पहले NSUI के लिए मुश्किलें तब खड़ी हो गई थी, जब अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रॉकी तुसीद का नॉमिनेशन रद्द हो गया था और उसके बाद एनएसयूआई को दूसरी उम्मीदवार अलका के लिए प्रचार करना पड़ा था। हालांकि रॉकी तुसीद के पक्ष में हाई कोर्ट का फैसला आने पर एनएसयूआई का प्रेसिडेंड कैंडिडेट बदलने पर डीयू के छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी। हालांकि सोशल मीडिया कैंपेन के जरिये एनएसयूआई ने प्रेसिडेंड पोस्ट के लिए जमकर प्रचार किया।

पिछले बार से ज्यादा वोट
इस साल चुनाव में डीयू के छात्रों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया। पिछले साल जहां डूसू चुनाव में 36.9 फीसद वोट पड़े थे, तो वहीं इस साल मॉर्निंग कॉलेज के 32 कॉलेजों में ही कुल 44 फीसद वोट डाले गए। चुनाव समिति के मुताबिक मॉर्निंग कॉलेज के 77,379 छात्र-छात्राओं में से 34,051 छात्र-छात्राओं ने चुनाव में मतदान किया।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले जेएनयू छात्र संघ चुनाव में भी ABVP को कामयाबी नहीं मिल पाई थी। जेएनयू में लेफ्ट गठबंधन ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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