अब प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य ने उठाए नोटबंदी पर सवाल

अब प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य ने उठाए नोटबंदी पर सवाल

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य शमिका रवि ने नोटबंदी की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किया है।

नई दिल्ली: नोटबंदी पर भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट आने के बाद विपक्ष ही नहीं सरकार के अंदर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य शमिका रवि ने नोटबंदी की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किया है। शमिका रवि ने नोटबंदी की प्रक्रिया को लागू करने पर सवाल उठाया। एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में शमिका ने कहा कि, नोटबंदी को लागू करने का तरीका बेशक सवाल उठाने लायक है। जैसे कि हम 2,000 रुपये का नोट लाए। यह अपने ही आप इस तर्क को खारिज कर देता है कि बड़े मूल्य के नोट हटाए जाने हैं। हालांकि नोटबंदी के फायदे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि, लेकिन क्या आपने यह गौर किया कि (नोटबंदी के बाद) कर अनुपालन बढ़ा है? आपको क्या लगता है कि यह क्यों हुआ होगा?

रुपए के गिरते स्तर पर रवि का बयान

शमिका रवि ने गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स कानून को भी आसान बनाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, विशेषकर रीयल एस्टेट क्षेत्र में इसकी जरूरत है। रुपए के गिरते स्तर के मुद्दे पर रवि ने कहा कि रुपये की कमजोरी को देश की क्षमता में गिरावट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे टूटकर 71 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया था।

नोटबंदी को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद 99.3 फीसदी पैसे सिस्टम में लौट आए । यानी 15.41 लाख करोड़ रुपए के 1,000 और 500 रुपये के पुराने नोट चलन में थे, जिसमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए। आरबीआई की रिपोर्ट आने के बाद विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला।

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