
Coronavaccine pfizer
मेड्रिड। स्पेन में पहले और दूसरे डोज को लेकर यहां सरकार ने नए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के तहत स्पेन में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का पहला डोज ले चुके लोगों को दूसरा डोज फाइजर वैक्सीन का दिया जाएगा। 60 वर्ष की आयु से कम उम्र के लोगों को दूसरी डोज फाइजर वैक्सीन का दिया जाएगा।
15 लाख लोगों पर होगा असर
इस प्रस्ताव का असर उन 15 लाख लोगों पर होगा, जिन्होंने सरकार की ओर से ऐस्ट्राजेनेका को बैन किए जाने से पहले इसका पहला टीका लगवाया था। स्पेन ने खून का थक्का जमने की समस्या को लेकर 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए इसका प्रयोग रोक दिया गया है। सरकार ने यह फैसला कारलोस III हेल्थ इंस्टीट्यूट की ओर से अध्ययन करने के बाद लिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों वैक्सीन का मेल सुरक्षित होने के साथ प्रभावी भी होगा।
यह बेहद सुरक्षित और प्रभावी होगा
एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने पाया कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के पहले टीके के बाद फाइजर कोविड-19 वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जा सकेगा। यह बेहद सुरक्षित और प्रभावी होगा। अध्ययन में समाने आया है कि जिन्हें पहला एस्ट्राजेनेका का केवल एक डोज लगा है, उनकी तुलना में दूसरा डोज फाइजर वैक्सीन का लगने के बाद लोगों के खून में IgG एंटीबॉडी 30-40 गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
एंटीबॉडी कई गुना बढ़ जाती हैं
ट्रायल में विशेषज्ञों के अनुसार एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का दूसरा डोज एंटीबॉडी को डबल करता है, लेकिन यदि दूसरा डोज फाइजर का लिया जाता है तो एंटीबॉडी कई गुना बढ़ जाती हैं। यह अध्ययन 18-59 वर्ष के 670 लोगों पर किया गया। पहला डोज एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का लेने के बाद इनमें से 450 को दूसरा डोज फाइजर का दिया गया।
1.7 फीसदी लोगों को सिरदर्द
शोधकर्ताओं के अनुसार अलग-अलग डोज देने पर सामान्य लक्षण ही सामने आए हैं। केवल 1.7 फीसदी लोगों को सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और बेचैनी जैसे शिकायतें होती हैं। ये लक्षण गंभीर श्रेणी में नहीं आते हैं। वहीं ब्रिटेन में हुए शोध के अनुसार लोगों को एक डोज फाइजर वैक्सीन का दिया गया तो दूसरा एस्ट्राजेनेका टीके का। इस दौरान अधिकतर लोगों को सिरदर्द या ठंड लगने जैसी शिकायतें हुईं।
Published on:
19 May 2021 05:49 pm
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