Coronavirus से बचाव से पहले जरूरी है अफवाहों से दूरी, ये 14 बातें पूरी तरह साबित हुई झूठी

Highlights

- भारत में दूसरे देशों के मुताबिक अब तक Coronavirus के कम मामले सामने आए हैं

- यहां कोरोना वायरस के अजब और गजब सलाह दी जा रही है

-गौ मूत्र और गोबर से संभव है कोरोना वायरस का इलाज

नई दिल्ली. जितनी तेजी से दुनिया में कोरोना वायरस फैल रहा है उतनी ही तेजी से इसका डर व इससे फैलने वाली अफवाहें। भारत में दूसरे देशों के मुताबिक अब तक कोरोना वायरस के कम मामले सामने आए हैं। लेकिन यहां कोरोना वायरस के अजब और गजब सलाह दी जा रही है। हमें कोरोना वायरस के साथ साथ इन अफवाहों से भी लड़ना होगा। यह अफवाहें कुछ इस प्रकार है।

अफवाह--

गौ मूत्र और गोबर से संभव है कोरोना वायरस का इलाज

हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने ‘कोरोना वायरस’ को जड़ खत्म करने का दावा किया है। उन्होंने अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा कि कोरोना वायरस का इलाज गौ मूत्र और गाय के गोबर से संभव है। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक विशेष यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसे दुनिया भर से कोरोना वायरस का विनाश हो जाए। चक्रपाणी महाराज ने कहा कि अगर कोई गाय के गोबर का लेप शरीर पर लगाए और ‘ओम नमः शिवाय’ के मंत्र का जाप करे तो वह बच सकता है।

हैंड ड्रायर्स से कोरोना वायरस का खात्मा

हैंड ड्रायर्स से कोरोना वायरस खत्म हो जाता है। यह खबर वायरल हो रही है कि हाथ धोने के बाद हैंड ड्रायर्स का इस्तेमाल करने से कोरोना वायरस मर जाते हैं जबकि ऐसा नहीं है। हैंड ड्रायर्स से कोरोना वायरस नहीं मरते।

एंटी कोरोना वायरस गद्दे

कुछ कारोबारी ये कहकर सामान बेच रहे हैं कि इन चीजों से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। उदाहरण के लिए 15 हज़ार रुपए में 'एंटी कोरोना वायरस' गद्दे बेचे जा रहे हैं। इसके विज्ञापन अख़बारों में भी दिए गए थे। पर इसकी पड़ताल के बात इसका विज्ञापन हटा दिया गया था।

गर्म मौसम और नमी में नहीं फैलता कोरोना

आम लोगों के बीच एक अफवाह एेसी भी फैल रही है कि गर्म मौसम में कोरोना नहीं फैलता है। या नमी बनाए ऱकने के लिए बार बार गुनगुने पानी से नहाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO (World Health Organization) का कहना है कि कोरोनावायरस कहीं भी, किसी भी क्षेत्र फैल सकता है। गर्म और नम मौसम में भी। कोरोना संक्रमण का पर्यावरण या जलवायु से कोई संबंध नहीं है।


टेम्परेचर कम होने पर कोरोना वायरस से बचा जा सकता है

कई लोगों का मानना है कि टेम्परेचर कम होने पर कोरोना वायरस सर्वाइव नहीं कर पाएगा लेकिन विश्व स्वास्थय संगठन के अनुसार ठंडा मौसम या बर्फ नए कोरोना वायरस या किसी अन्य बीमारी के वायरस को खत्म नहीं कर सकता। बाहर का तापमान कितना भी हो, हमारा औसत बॉडी टेम्परेचर 36।5 से 37 डिग्री से के बीच होता है।


मच्छरों से भी फैलतै है कोरोना वायरस

विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक मच्छरों के काटने से कोरोना वायरस फैलने का कोई मामला सामने नहीं आया है। न्यू कोरोनावायरस एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो मुख्य रूप से किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या किसी तरह से संपर्क में आने से फैलता है।


शाकाहारी होने से नहीं फैलता कोरोना वायरस

कुछ दिनों पहले हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लोगों से मीट ना खाने की अपील की थी। उन्होंने ट्वीट किया, शाकाहारी रहें, अलग-अलग तरह के जानवरों का मांस खाकर मानवता के लिए ख़तरा बनने वाले कोरोना वायरस जैसे वायरस पैदा ना करें।' वहीं एक हिंदू राष्ट्रवादी समूह का दावा है कि कोरोना वायरस मांस खाने वाले लोगों को सज़ा देने के लिए आया है। भारत सरकार की फेक्ट चेकिंग सर्विस ने इस दावे का खंडन करते हुए पोस्ट किया। यह सिर्फ अफवाह है।

निमोनिया वैक्सीन होता है कोरोना वायरस दूर

निमोनिया वैक्सीन से कोरोना वायरस दूर होता है यह बात बिल्कुल गलत है। यह वायरस बिल्कुल नया है और इसके लिए नई वैक्सीन की जरूरत है। रिसर्चर एंटी-कोविड19 वैक्सीन बनाने की कोशिश में लगे हैं। डब्ल्यूएचओ उनकी कोशिशों को समर्थन दे रहा है।

लहसुन खाने से कोरोना से बचाव

लहसुन खाना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन कोरोना वायरस से बचाव में इसे उपयोगी नहीं माना जा सकता।

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों और बच्चों को

कोरोना वायरस हर आयु वर्ग के लोग संक्रमित हैं। यह बात बिल्कुल झूठी है कि कोरोना वायरस केवल बुजुर्गों व बच्चों में होता है। ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ बुजुर्गों और बच्चों या कम उम्र के लोगों को संक्रमित करता है। यह कहा जा सकता है कि बुजुर्गों और अस्थमा, डायबिटीज या दिल की बीमारी वाले लोगों को पर वायरस का खतरा ज्यादा है।

ब्रूफ़ेन लेने से खत्म हो जाते है कोरोना के लक्ष्ण

यह बात बिल्कुल झूठी है कि ब्रूफ़ेन लेने से कोरोना वायरस के लक्ष्ण खत्म हो जाता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स की बात मानें तो विशेषज्ञों की ओर से किसी भी तरह की ऐसी सलाह नहीं जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि अगर कोरोना वायरस के लक्षण नज़र आएं तो ब्रूफ़ेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पालतू जानवरों से फैलता है कोरोना वायरस

पालतू जानवरों से कोरोना वायरस फैलने की अभी तक कोई घटना सामने नहीं आई है लेकिन सावधानी रखने के तौर पर आप पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथ धोकर खाना खाएं।

करेले का जूस पीने से दूर हो जाता है कोरोना

इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि वैज्ञानिकों ने करेले का जूस पीने से कोरोना वायरस को नष्ट करने की बात कही है। अब तक ऐसा कोई रिसर्च या प्रमाण सामने नहीं आया है जो ये कहता हो कि करेले का जूस पीने से कोरोना वायरस का संक्रमण ठीक किया जा सकता है।

शराब पीने से रोको जा सकता है कोरोना वायरस

कहा जा रहा है कि शराब पीने वाले लोगों पर कोरोना वायरस का असर नहीं होता है। इस तरह की खबरें सोशल मीडिया पर खूब चल रही हैं। ईटी की गूगल सर्टिफाइड टीम ने इन तथ्यों की पड़ताल की। हमने पाया कि इस तरह का कोई सर्कुलर या सलाह भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय या विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से नहीं दी गई है।

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Ruchi Sharma
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