
नई दिल्ली। देशभर में कारोना का कहर जारी है। मरीजों के तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्यों की सरकारों ने अंतरराज्यीय सीमाओं को सील कर दिया है। लेकिन कोरोना और लॉकडाउन संकट के बीच लोगों के सामने मानवीय समस्याएं भी उभरकर सामने आने लगी हैं, जिसकी उपेक्षा भी शासन-प्रशासन की ओर से करना अमानवीय माना जा सकता है।
ऐसा ही एक मामला बिहार के भागलपुर का सामने उभरकर सामने आया है। इस मामले में एक लड़के की मांग का निधन हो गया और वो लॉकडान की वजह से अपनी मां का संस्कार करने के लिए घर तक नहीं पहुंच पा रहा हे।
इस मानवीय संकट में फंस बिहार के भागलपुर के एक प्रवासी मजदूर टीपू यादव केंद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाई है। उसने केंद्र और बिहार सरकार से अनुरोध किया है कि मेरी मां का देहांत हो गया है। मैं लॉकडाउन की वजह से दिल्ली से अपने गांव नहीं जा रहा हूं। मैं सीलबंदी की वजह से फंस गया हूं। मैं भागलपुर स्थित अपने गांव पहुंचना चाहता हूं। मैं एक गरीब आदमी हूं। कृपया मेरी मदद करें। मुझे अपनी मां का अंतिम संस्कार करने के लिए भागलपुर जाना जरूरी है।
बता दें कि देशभर में कोरोना संकट पहल से ज्यादा गहरा गया है। कोरोना से मौतों की संख्या में तेजी से इजाफा जारी है। देशभर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 32 हो गई है। वहीं कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 1251 हो गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने का सिलसिला जारी है। दिल्ली के निजामुद्दीन में मरकज में देश और विदेश के 1400 लोगों की मौजूदगी स्थिति गंभीर हो गया है।
लॉकडाउन के बीच मरकज में शामिल लोगों में से तेलंगाना के 6 लोगों की मौत की वजह से स्थिति नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। केजरीवाल सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम क्वारनटाइन सेंटर में तब्दील कर दिया है। फिलहाल दिल्ली सरकार ने पुलिस को सभी 1400 लोगों को क्वारनटाइन सेंटर में रखने का आदेश दिया है।
Updated on:
31 Mar 2020, 9:04 AM IST
Published on:
31 Mar 2020, 9:03 AM IST
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