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नई दिल्ली। पंजाब के गुरदासपुर पहुंचे उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रख दी है। केंद्रीय सड़क-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस मौके पर कहा कि इस कॉरिडोर से पंजाब के पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब जो पूरा होने जा रहा है, वह 70 साल से रुका हुआ काम था। गड़करी ने कहा कि यह कॉरिडोर फॉर लेन के तहत बनाया जाएगा। उन्होने इस काम के लिए पंजाब सरकार की भी तारीफ की। वहीं,पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कॉरिडोर के लिए पीएम मोदी और पाक पीएम इमरान खान को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आज सिखों की बरसों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पर हमारी सरकार गुरु नानक देव के नाम से एक बड़ा द्वार बनाना चाहती है, जिसका नाम करतारपुर द्वार रखा जाएगा।
1984 सिख दंगों के आरोपियों को सजा
वहीं, शिलान्यास से पूर्व कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसी सरकार है जिसके कार्यकाल में बनी एसआईटी की वजह से ही 1984 सिख दंगों के आरोपियों को सजा मिलना मुमकिन हुआ। उन्होंने कहा कि अदालत ने दो आरोपियों को सजा सुना दी है और बहुत जल्द अन्य आरोपी भी पकड़े जाएंगे।
वहीं, पाकिस्तान में इस कॉरिडोर का शिलान्यास 28 नवंबर यानी बुधवार को किया जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान खुद इस कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे। पाकिस्तान ने करतापुर कॉरिडोर शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को निमंत्रण भेजा है। एक ओर जहां सुषमा स्वराज ने अपनी व्यवस्तता बताते कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थता जताई है और अपने स्थान पर हरसिमरत कौर बादल व हरदीप पुरी के जाने की बात कही है, वहीं सीएम अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के न्योते के अस्वीकार कर दिया है।
उन्होंने इसके पीछे पंजाब में बढ़ रही आतंकी घटनाओं को कारण बताया है। हालांकि पूर्व क्रिकेटर सिद्धू ने अपने मामले को सरकार की मंशा पर छोड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार से अनुमति मिलेगी तो ही वह पाकिस्तान जाएंगे।
यह कॉरिडोर गुरदासपुर के मान गांव से होते हुए पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाएगा। आपको बता दें कि भारत सरकार ने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व 22 नवंबर, 2018 के उपलक्ष्य में करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण का फैसला किया था। दरअसल, इस कॉरिडोर का निर्माण भारत-पाकिस्तान सीमा तक एकीकृत विकास परियोजना के तौर पर किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के किनारे स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेकने जा सकेंगे।
Updated on:
26 Nov 2018, 2:48 PM IST
Published on:
26 Nov 2018, 10:28 AM IST
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