मौसम विभाग रंगों के आधार पर क्यों जारी करता है अलर्ट, किस रंग का क्या है मतलब

मौसम विभाग समय-समय पर जरूरत के हिसाब से अलर्ट जारी करता है। यह यलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट के तौर पर प्रचलित है। टाउते चक्रवाती तूफान में पश्चिम तट के इलाकों में तूफानी हवाओं और तेज बारिश की वजह से जान-माल का नुकसान हुआ है। उत्तर भारत में भी इसका असर देखने को मिला है। तूफान की तीव्रता को देखते हुए विभिन्न राज्यों ने अलग-अलग अलर्ट जारी किए।

 

नई दिल्ली।

भारत इन दिनों एकसाथ कई मुसीबतों से जूझ रहा है। चाहे वह कोरोना वायरस (Coronavirus) हो, ब्लैक फंगस हो या व्हाइट फंगस या फिर टाउते चक्रवाती तूफान। इन सबके साथ-साथ मौसम वैज्ञानिकों ने एक और चेतावनी जारी की है। जी हां, एक और मुसीबत भारतीयों का इंतजार कर रही है और उसका नाम है यश। इन सबके साथ अब मानूसन भी सक्रिय हो गया है, तो विभिन्न राज्यों में इसके अलग-अलग असर देखने को मिलते हैं। ऐसे में मौसम विभाग समय-समय पर जरूरत के हिसाब से अलर्ट जारी करता है। यह यलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट के तौर पर प्रचलित है।

...तो आइए जानते हैं क्या हैं ये अलर्ट और कब, किसे तथा क्यों जारी किया जाता है। एक जरूरी बात यह भी है कि यह अलर्ट सिर्फ मौसम खराब होने नहीं बल्कि, आपदाओं के समय भी जारी किए जाते हैं।

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इन दिनों देश में टाउते चक्रवाती तूफान का कहर जारी है। इस वजह से अलग-अलग हिस्सों का मौसम भी बदला हुआ है। पश्चिम तट के इलाकों में तूफानी हवाओं और तेज बारिश की वजह से जान-माल का नुकसान हुआ है, वहीं उत्तर भारत में भी इसका असर देखने को मिला है। तूफान की तीव्रता को देखते हुए विभिन्न राज्यों ने अलग-अलग अलर्ट जारी किए। किसी ने इस तूफान से निपटने के लिए रेड अलर्ट जारी किया तो किसी ने यलो और किसी ने ऑरेंज।

दरअसल, भारत में रंगों के आधार पर यह अलर्ट जारी करने की शुरुआत लगभग 12 साल पहले हुई थी। इस प्रणाली को दुनियाभर के तमाम देशों ने अपने यहां मान्यता दी हुई है। इस प्रणाली की मदद से जारी चेतावनी के संकेत आसानी से सबको समझाए जा सकते हैं और इससे भ्रम की स्थिति भी नहीं बनती। यही नहीं, रंगों के आधार पर यह अलर्ट जारी होने से दुनियाभर में इसका समान अर्थ निकाला जाता है।

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यलो अलर्ट जारी होने का मतलब सचेत या सतर्क रहें
मौसम विभाग ने यदि किसी वजह से खास इलाके मे में यलो अलर्ट जारी किया है तो इसका मतलब है उन्होंने वहां आपको सचेत रहने को कहा है। इसके तहत आपको सावधानी बरतनी होगी। मौसम विभाग ने आपको सतर्क कर दिया है, अब आप आगे और अपडेट जानकारियों के साथ अपना रूटीन पूरा करते रहें। इस अलर्ट का मतलब आपको कोई खास खतरा तो नहीं है, मगर सतर्क रहने की जरूरत है।

ऑरेंज अलर्ट का मतलब है तैयार रहिए
मौसम विभाग ने यदि ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तो इसका मतलब है कि आपको चेतावनी दी जाती है कि आप खराब मौसम के लिए तैयार रहें। यह खराब मौसम किसी भी समय यानी सर्दी-गर्मी या बारिश का हो सकता है। इसका असर उस खास इलाके के जनजीवन पर पड़ सकता है। इसके तहत प्रशासन यात्रा, स्कूल और दूसरी जरूरतों या सेवाओं पर खास ध्यान रखता है या उन्हें कुछ समय के लिए बंद भी कर सकता है।

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रेड अलर्ट का मतलब है एक्शन मोड
मौसम विभाग अगर यह अलर्ट यानी चेतावनी जारी करता है तो मतलब है साफ है कि स्थिति गंभीर है। हालांकि, ऐसी स्थिति कम ही होती है, मगर कुछ खास इलाकों में यह जान और माल की सुरक्षा के लिए जारी की जाती है। यह अलर्ट जारी हुआ, मतलब आप अपनी सुरक्षा का खास ध्यान रखें। जिन इलाकों के लिए यह अलर्ट जारी होता है, वहां प्रशासन एक्शन मोड में आ जाता है। खतरे की जगह पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है। साथ ही, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को अलर्ट रहने को कहा जाता है। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल और रूटीन कार्यों को अगली स्थिति तक के लिए बंद कर दिया जाता है।

चेतावनी के लिए दूसरे तरीके भी अपनाते हैं कुछ देश
वैसे तो रंगों के आधार पर अलर्ट यानी चेतावनी जारी करने की यह प्रणाली कारगर है। भारत समेत तमाम देश इस प्रणाली का उपयोग करते हैं, मगर कुछ देश इसके साथ-साथ या इससे अलग अलर्ट जारी करने के लिए दूसरे तरीके भी अपनाते हैं। स्वीडन में मौसम विभाग अलर्ट यानी चेतावनी जारी करने के लिए वहां क्लास-1, क्लास-2, क्लास-3 का अलर्ट जारी करता है। क्लास-1 मतलब सतर्कता, क्लास-2 मतलब मौसम खराब है और आप तैयार रहें, जबकि क्लास-3 का मतलब है स्थिति गंभीर है और सुरक्षित रहें।

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Ashutosh Pathak
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