कोरोना का दौर यादकर भावुक हुए PM Modi, कहा - वैक्सीन टीकाकरण अभियान का सभी को बेसब्री से इंतजार था

  • पहले दिन 3 लाख हेल्थवर्कर्स को लगेगा टीका
  • देशभर में बनाए गए हैं 3006 टीकाकरण केंद्र।

नई दिल्ली। प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा इस दिन का देशवासी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। कोरोना की वैक्सीन आ गई है। वैक्सीन बनाने वालों ने कड़ी मेहनत की है। कोरोना योद्धाओं खासकर डॉक्टरों ने न त्योहार की चिंता की, न घर की और न ही छुट्टी मनाने की। उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए कोरोना का वैक्सीन विकसित किया। वो भी एक नहीं बल्कि दो-दो वैक्सीन एक साथ। यह दुनिया भर में हमाने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की ताकत को दिखाता है।

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पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग जरिए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि ऐसे ही दिन के लिए राष्ट्रकवि दिनकर ने कहा था कि मानव जब जोर लगाता है तो पत्थर पानी बन जाता है। उन्होंने कहा कि कोरेना का टीका बनाने में बरसों लग जाते हैं। लेकिन हमारे डॉक्टरों व वैज्ञानिकों ने एक साल के अंदर यह काम कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले कोरोना वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगी और उसके बाद सुरक्षा बलों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

हाईलाइट्स :

- कोरोना टीकाकरण दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान।

- कोविड-19 ने मां को बच्चों से अलग कर दिया।

- बीमार व्यक्ति को घर और बहार अकेला कर दिया।

- कई साथी अस्पताल से घर नहीं लौटे।

- जो साथ छोड़ गए उनकी परंपरा से विदाई भी नहीं हुई।

- निराशा के इस काल में कुछ लोगों ने आशा की किरण दिखाई।

- कोरोना का टीका उन लोगों को श्रद्धांजलि जिन्होंने इसकी वजह से अपनी जान गंवाई।

- टीका के बाद भी सख्ती जरूरी।

- कोरोना काल में भारत ने साहस का परिचय दिया।

इससे पहले पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम होगा। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना टीकाकरण के लिए 3006 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल सुधीर भंडारी को सबसे पहले टीके की खुराक दी जाएगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश में एक अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और एक सहायक समेत अन्य लोग सबसे पहले टीका लेने वालों में शामिल होंगे।

मोदी कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित कोविशील्ड और भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन दोनों टीकों को सुरक्षा के मानकों पर सुरक्षित और असरदार पाया गया है। दोनों टीकों की 1.65 करोड़ खुराकों को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डाटाबेस में उपलब्ध स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या के हिसाब से आवंटन कर दिया गया है। टीकाकरण और कोविन सॉफ्टवेयर के संबंध में सवालों के जवाब देने के लिए एक कॉल सेंटर 1075 भी बनाया गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में सीएम अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में एलएनजेपी अस्पताल में एक डॉक्टर, एक नर्स और एक सफाई कर्मचारी को कोविड-19 का टीका दिया जाएगा। दिल्ली के 81 केंद्रों पर कोविड-19 का टीकाकरण अभियान चलेगा।

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