Good News: Coronavirus वैक्सीन ने बंदरों पर दिखाया कमाल, तीन देशों की कंपनियां जल्द करेगी जमत्कार

Highlights
- कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) से संक्रमित लोगों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही हैं
- इस महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण यही है कि यह हर दिन अपने नए लक्षण (Coronavirus Symptoms) सामने ला रहा है
- तो वहीं दूसरा कारण इस महामारी से ईजाद पाने के लिए अभी तक कोई वैक्सीन (Coronavirus vaccine) व दवा तैयार नही हो पाई है

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार जारी है। इस महामारी की चपेट में लगभग 16 लाख लोग संक्रमित (Coronavirus Infected) हो चुके हैं। कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) से संक्रमित लोगों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही हैं। हर दिन 50 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं। इस महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण यही है कि यह हर दिन अपने नए लक्षण (Coronavirus Symptoms) सामने ला रहा है, तो वहीं दूसरा कारण इस महामारी से ईजाद पाने के लिए अभी तक कोई वैक्सीन (Coronavirus vaccine) व दवा तैयार नही हो पाई है।

हालांकि दुनिया भर में 25 से ज्यादा कंपनियां कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल (Corona virus vaccine trial) कर रहे हैं। जिसमें से दो कंपनी भारत की भी है। एक और जहां भारत में बनी वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है, तो वहीं कई वैक्सीन निर्माता कंपनियों (Vaccine manufacturer companies) के साथ बातचीत कर रही हैं।

अभी तक कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) बनाने की कोशिश में नीदरलैंड (Netherlands) और अमेरिका (America) में बड़ी कामयाबी मिली है। वैक्सीन की सिंगल डोज से ही बंदरों में कोरोना संक्रमण को पूरी तरह रोकने में मदद मिली है।

बंदरों में हुआ ट्रायल

वैज्ञानिकों का मानना है कि वैक्सीनेशन के बाद सभी बंधुओं में एंटीबॉडीज बनी (Antibodies formed), जिसके बाद उनकी जांच की गई तो बंदरों (Coronavirus vaccine Trial in monkey) के फेफड़ों में किसी भी तरह का कोई इंफेक्शन सामने नहीं आया।

तीन देश वैक्सीन के तीसरे चरण में पहुंचे

वहीं केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय (Center Health Ministry) के मुताबिक पूरी दुनिया में सिर्फ तीन वैक्सीन उम्मीदवार देश ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंचे हैं। इन तीनों उम्मीदवारों में पहला अमेरिका का है दूसरा ब्रिटेन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (UK Oxford University) की वैक्सीन है तो वहीं तीसरी वैक्सीन चीन की है।

तीसरे चरण के बाद ही आएगी वैक्सीन

स्वास्थ्य मंत्रालय (Center Health Ministry) के अनुसार एक बार तीसरा चरण पूरा हो जाए उसके बाद ही उम्मीदवार थोक में वैक्सीन बनाने के लिए मंजूरी ले सकते हैं और इसे बनाना शुरू कर सकते हैं।

बंदरों पर आए अच्छे परिणाम

एक शोध के मुताबिक ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और अस्त्राजेनिका की वैक्सीन बंदरों में किए गए टेस्ट में कामयाब हो गई है। शोध में छपी स्टडी के मुताबिक जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन ने अच्छे परिणाम दिए हैं। वहीं मॉडर्ना की वैक्सीन ट्रायल के नतीजे भी शानदार आए हैं। इस तरह से देखें तो अभी चार वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने बंदरों पर जिस तरह से ट्रायल किया है वह पूरी तरह से सफल हुआ है।

Ruchi Sharma
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