आखिर Donald Trump की क्या है मंशा, चुनाव बाद पावर ट्रांसफर पर दिया ये जवाब

Highlights

  • खुद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चुनाव में होने वाली वोटिंग को लेकर शंका जाहिर कर रहे हैं।
  • ट्रंप चुनाव से पहले ही पावर ट्रांसफर और वोटिंग पैटर्न पर सख्त बयानबाजी दे रहे हैं।

वाशिंगटन। नवंबर में होने वाले अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव (America President election) को लेकर लगातार विवादित बयान सामने आ रहे हैं। खुद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चुनाव में होने वाली वोटिंग को लेकर शंका जाहिर कर रहे हैं।

बुधवार रात हुई एक प्रेस कांन्फ्रेंस में ट्रंप ने चिंता जताई है कि वे परिणाम आने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण (पावर ट्रांसफर) होने का वादा नहीं कर सकते। राष्ट्रपति के अनुसार वे वोटिंग को लेकर पहले ही अपनी शिकायतों से अवगत करा चुके हैं। ट्रंप का कहना है कि हो सकता है कुछ फैसले सुप्रीम कोर्ट में हो। ऐसे में वहां पर जजों की पूरी बेंच होनी चाहिए।

 

trump45.jpg

नहीं लगता कि पावर ट्रांसफर की जरूरत होगी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप से चुनाव के बाद पावर ट्रांसफर पर कुछ सवाल किए गए। उनसे पूछा गया- क्या आप भरोसा दिला सकते हैं कि चुनाव के बाद शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण होगा। इस पर राष्ट्रपति ने कहा 'देखते हैं क्या होता है। मैं वोटिंग को लेकर कुछ मुद्दों पर अपनी चिंता पहले ही जाहिर कर चुका हूं। वैसे मुझे नहीं लगता कि पावर ट्रांसफर की जरूरत होगी। जो है,वही जारी रहेगा। ट्रंप के बयान का ये मतलब निकाला जा सकता है कि चुनाव में जीत उन्हीं की होना निश्चित है'।

डेमोक्रेट पार्टी ने भी पर चिंता जाहिर की

गौरतलब है कि यह पहली बार है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के किसी उम्मीदवार से चुनाव परिणाम और सत्ता हस्तांतरण के बारे में खुले तौर बातें की जा रही हों। डेमोक्रेट पार्टी ने भी इस पर चिंता जाहिर की है। ट्रंप चुनाव से पहले ही पावर ट्रांसफर और वोटिंग पैटर्न पर सख्त बयानबाजी दे रहे हैं। डेमोक्रेट्स का अनुमान है कि अगर ट्रंप हार गए तो वे नतीजों को मानने से इनकार कर देंगे। इससे संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का पेंच

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस गिन्सबर्ग का निधन हो गया था। अब यहां पर 8 जज मौजूद हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि नए जज की नियुक्ति चुनाव के बाद हो। वहीं ट्रंप तुरंत नियुक्ति करना चाहते हैं। इसकी वजह साफ है कि अगर चुनाव के बाद कोई बात उठती है तो उसमें नए जज ट्रंप के साथ खड़े होंगे। उनका वोट निर्णायक होगा। प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जूलियन का कहना है कि ट्रंप खुलेआम धमकी दे रहे हैं। इस मतलब ये हुआ कि अगर नतीजा उनके पक्ष में नहीं हुआ तो वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

ये बयान पहली बार नहीं

सत्ता हस्तांतरण को ट्रंप का बयान पहली बार नहीं सामने आया है। इससे पहले वे कई बार मीडिया में इस तरह की बातें करते आए हैं। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद के हालात पर मैं कोई भरोसा नहीं दिला सकता। यह इस निर्भर करेगा कि चुनाव और वोटिंग कैसे होती है। क्या सब कुछ पारदर्शी होगा।

Mohit Saxena
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned