कोरोना के कारण मस्जिदों में पसरा रहा सन्नाटा, पाबंदियों के बीच दुनियाभर में मुसलमानों ने मनाई ईद

HIGHLIGHTS

  • इंडोनेशिया में ईद-उल-फितर ( Eid-ul-Fitr in Indonesia ) के इस पवित्र मौके पर लाखों मुसलमानों को मायूस होना पड़ा
  • तुर्की, इराक और जॉर्डन समेत कई देशों में कोरोना के मद्देनजर कर्फ्यू लगा है, जिसके कारण ईद का जश्न फीका रहा

नई दिल्ली। कोरोना संकट ( Corona Crisis ) से इस वक्त पूरी दुनिया जूझ रही है और यही कारण है कि दुनिया के प्राय: सभी देशों में लॉकडाउन ( Lockdown ) या इमरजेंसी लागू है। ऐसे में सभी लोग अपने-अपने घरों में सिमट कर रहने को मजबूर हैं। इस बीच पूरी दुनियाभर में आज लाखों मुसलमानों ने रमजान ( Ramzan ) के पवित्र माह की समाप्ति पर ईद-उल-फितर ( Eid-ul-Fitr ) का जश्न मनाया।

हालांकि दुनियाभर के मस्जिदों में सन्नाटा पसरा रहा। सभी लोग अपने-अपने घरों में ही सिमट कर ईद का जश्न मनाया।सख्त नियम लागू होने की वजह से लोग मस्जिद में नमाज अदा करने नहीं पहुंचे और न हीं घुमने के लिए निकल सके। जबकि ईद के मद्देनजर तीन दिन की छुट्टियां अक्सर घूमने, रिश्तेदारों से मिलने और खरीददारी करने का समय होता है। आइए जानते हैं कहां-कहां पर किस तरह से लोगों ने मनाया ईद..

इंडोनेशिया में इस तरह से लोगों ने मनाया ईद

दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया में ईद-उल-फितर ( Eid-ul-Fitr in Indonesia ) के इस पवित्र मौके पर लाखों मुसलमानों को मायूस होना पड़ा। वे छुट्टियां नहीं मना पाए। यहां पर लोग अपने-अपने घरों में ही सिमटे रहे और घर के अंदर ही अपने परिवार के सदस्यों के साथ ईद मनाया। मस्जिदों में सन्नाटा पसरा रहा। मस्जिदों या खुले मैदानों में इस बार एकजुट होकर न नमाज पढ़ी जा सकी, न परिवारों का मिलना-जुलना हुआ और न रिश्तेदार इस बार बच्चों को ईदी (तोहफे) दे पाए।

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राजधानी जकार्ता स्थित दर्जनों मस्जिदें और मैदानें सुनी पड़ी रही। हर साल इस पावन मौके पर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा होते थे, पर इस बार खाली दिखा। जकार्ता में अधिकारियों ने कोरोना संकट को देखते हुए लॉकडाउन को चार जून तक बढ़ा दिया है, सभाओं पर रोक लगा दी है और राजधानी से बाहर निजी कारों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि इंडोनेशिया में अब तक कोरोना संक्रमण के करीब 22,000 मामले सामने आए हैं और 1,350 लोगों की मौत हुई है। दक्षिणपूर्व एशिया में यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।

पाकिस्तान में ऐसे मनाई गई ईद

पाकिस्तान में कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है और इस बीच शुक्रवार को एक भीषण विमान दुर्घटना में 97 लोगों की मौत हो गई। इस सदमें और दुख के बीच पाकिस्तान में ईद मनाई गई। यह पहली बार है जब पाकिस्तान में एक ही दिन पर देशभर में ईद का जश्न मनाया जा रहा है।

पाकिस्तान में कई जगहों पर मस्जिदें और मैदानें खुली रही, जहां पर लोग एक-दूसरे से मिले और ईदी भी भेंट की। कराची में रविवार को एक खुले मैदान में 1,000 से अधिक श्रद्धालु एकत्रित हुए और ईद का जश्न मनाया, हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुए मास्क पहन रखे थे। बीते दिनों मौलानाओं के दबाव में आकर प्रधानमंत्री इमरान खान ने डॉक्टरों की अपीलों और संक्रमण के बढ़ने मामलों के बावजूद रमजान के दौरान मस्जिदों को बंद रखने से इनकार कर दिया था। बता दें कि पाकिस्तान में कोरोना के मामले बढ़कर 52,000 से अधिक हो गए हैं, जबकि 1153 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है।

इराक, तुर्की और जॉर्डन में फीका रहा जश्न

इस्लामिक देशों में तुर्की, इराक और जॉर्डन समेत कई देशों में कोरोना के मद्देनजर कर्फ्यू लगा है। हालांकि रमजान के मद्देनजर कुछ पाबंदियां हटाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी ईद का जश्न फीका रहा। लोगों में कोरोना संक्रमण का डर साफ-साफ देखा गया। तेहरान में ईद की नमाज के लिए होने वाली बड़ी सभा को रद्द कर दिया गया। ईरान में COVID-19 के 130,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और 7,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

मलेशिया में भी लोगों के जुटने पर पाबंदी

मलेशिया में भी कोरोना के कारण लॉकडाउन लागू था, लेकिन कई हफ्तों के लॉकडाउन के बाद बाजारों को खोलने की अनुमति दी गई। हालांकि भारी संख्या में लोगों के जमा होने और लोगों को इधर-उधर या फिर छुट्टियां मनाने के लिए अपने घर या कोई जगह जाने की इजाजत नहीं दी गई।

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ऐसे में ईद के मौके पर मस्जिदों में सन्नाटा पसरा रहा। बाजारों में भी सड़कें सुनसान रहीं। इस बीच पुलिस ने 5,000 से अधिक कारों को वापस लौटा दिया, जो कि अपने घर जाे की कोशिश कर रहे थे। बता दें कि मलेशिया में कोरोना संक्रमण के 7,185 मामले सामने आए हैं और 115 लोगों की मौत हो चुकी है।

अल अक्सा मस्जिद में भी छाया रहा सन्नाटा

बाल्कन क्षेत्र के कई मुस्लिम बहुल देशों जैसे अल्बानिया, बोस्निया-हर्जेगोविना और कोसोवो आदि देशों में कोरोना के कारण कई तरह की पाबंदियां लागू है। लिहाजा ईद के इस मौके पर लोग मस्जिदों में नहीं जुट पाए। यरुशलम के सबसे प्रसिद्ध अल-अक्सा मस्जिद मे भी सन्नाटा पसरा रहा। अधिकारियों ने इस मस्जिद को नमाज के लिए बंद कर दिया है। बता दें कि अल-अक्सा इस्लाम में तीसरा पवित्र स्थल है और ईद के दौरान अक्सर यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं।

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Anil Kumar
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