भारत-अमरीका के बीच हफ्तेभर में दो अहम बैठकें, इन क्षेत्रों में मिलेगी कूटनीतिक संबंधों को मजबूती

  • अमरीका के विदेश विभाग ने दी बैठकों की जानकारी
  • सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर होगी अहम चर्चा

न्यूयॉर्क। अमरीका भारत के साथ अपने रिश्तों को किसी भी कीमत पर खराब नहीं करना चाहता। यही वजह है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत के कहने पर उसने पाकिस्तान को फोन लगाकर बयानबाजियां कम करने की हिदायत कर दे डाली। यही नहीं, भारत पर लगे ईरानी प्रतिबंधों के उल्लंघन का भी अमरीका ने हाल ही में बचाव किया है।

अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत-अमरीका के बीच इस हफ्ते दो बैठकें होंगी। इस बारे में अमरीकी विदेश विभाग ने जानकारी दी है।

इस हफ्ते होंगी दो अहम बैठकें

विभाग के अनुसार, भारत और अमरीका के रक्षा तथा कूटनीतिक अधिकारी रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा विजन तैयार करने के उद्देश्य से इस हफ्ते दो अहम बैठकें करेंगे। बताया जा रहा है कि गुरुवार को दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों की कार्यकारी सहायक सचिव एलिस वेल्स और हिंद-प्रशांत मामलों के सहायक रक्षा सचिव रैनडाल कैलिफोर्निया के नेतृत्व में रक्षा और विदेश मामलों में अमरीका-भारत के दो प्लस दो अधिकारियों की आंतरिक बैठक के लिए अपने भारतीय समकक्ष से मुलाकात करने वाले हैं।

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सुरक्षा मामलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर

विभाग ने बुधवार को कहा, 'वार्ता के दौरान, दोनों पक्ष महत्वपूर्ण कूटनीतिक और सुरक्षा मामलों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इनमें स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचार साझा होंगे और अगली आंतरिक दो प्लस दो मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए तैयारियों की समीक्षा होगी।'

भारत के बाद इस साल अमरीका में हो सकती है बैठक

दोनों देशों के विदेश मामलों और रक्षा कैबिनेट के अधिकारियों की पहली दो प्लस दो मंत्रिस्तरीय बैठक पिछले साल भारत में हुई थी। इस बैठक में भारत की तरफ से दिवंगत नेता सुषमा स्वराज (तत्कालीन विदेश मंत्री) तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अमरीका की तरफ से विदेश मंत्री माइक पोम्पियो तथा पूर्व रक्षा सचिव जिम मैटिस शामिल हुए थे।

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संभावना जताई जा रही है कि कैबिनेट स्तर की अगली वार्ता अमरीका में हो सकती है। शुक्रवार को अमरीका के दो अधिकारी अमरीका-भारत समुद्री सुरक्षा वार्ता के तहत भारतीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। बैठक में दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री विकास पर विचार साझा करेंगे और द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार करेंगे। गौरतलब है कि इसकी शुरुआत दिवंगत नेता मनोहर पर्रिकर ने की थी जब वे भारत के रक्षा मंत्री थे। मनोहर पर्रिकर और पूर्व विदेश सचिव एश्टन कार्टर ने दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग बढ़ाने के लिए यह बैठक की थी।

Shweta Singh Content
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