हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रधान मेडिकल सलाहकार डॉ फाउची ने कोवैक्सीन के प्रभावी होने की बात को स्वीकार किया था। आशंका जताई जा रही है कि अमरीका के इस रुख से भारत के उस अभियान को तगड़ा झटका लगा है, जिसकी मदद से वे विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता दिलवाने में लगा है। भारत बायोटेक के US पार्टनर ओक्यूजेन ने एफडीए के साथ वैक्सीन के इमर्जेंसी यूज ऑथराइजेशन (EUA) के लिए आवेदन किया था।