
अलास्का में आखिर क्यों आते हैं इतने भूकंप, जानिए पूरा मामला
अलास्का लंबी अवधि के भूकंपों के लिए जाना जाता है। यहां के एंकोरेज में आए भूकंप के बारे में जानकारों का मानना है कि भले ही यहां भूकंपों का आना जारी रहता है। किंतु कल वाले भूकंप को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह अलास्का के जनसंख्या केंद्रों के बेहद करीब था। भूकंप के बाद के झटके कई सप्ताह तक जारी रह सकते हैं।
आंकड़ों के अनुसार- इस जगह पर सबसे बड़ा भूकंप 1964 में आया था। रिएक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 9.2 थी। जबकि शुक्रवार को आए भूकंप की तीव्रता केवल 7.0 ही थी। इसलिए लोगों के लिए यह ज्यादा हैरानी की बात नहीं थी।
यह है कारण
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के रैंडी बलडविन के अनुसार- यह राज्य दरअसल ऐसी जगह पर स्थित है, जिसे 'रिंग ऑफ फायर' के नाम से जाना जाता है। धरती के भीतर इस जगह पर पैसेफिक उत्तरी अमरीकन प्लेटों का संगम है। पर्तों के इस मिलन स्थल को 'सबडक्शन जोन' माना गया है यही नहीं पानी के भीतर सबसे ज्यादा क्रियाशील टाइटोनिक फाल्ट भी इसी जगह पर है। रैंडी के अनुसार यहां भूकंप आने की मुख्य वजह भी यह तकनीकी कारण ही है।
हर साल सरक रही हैं धरती के भीतर प्लेटें
सर्वे के अनुसार- इस जगह पर धरती के भीतर की ये प्लेटें हर साल 2 इंच से ज्यादा सरक रही हैं। यह दुनिया के किसी भी हिस्से में धरती के भीतर होने वाली हलचल में सबसे ज्यादा है। यूएसजीएस के अनुसार- जबकि इसके मुकाबले कैलिफोर्निया में धरती के भीतर होने वाली इस तरह की हलचल के दौरान प्लेट खिसकने की दर एक या आधा इंच प्रति साल है।
1958 में आया था जबर्दस्त भूकंप
यही वजह है कि पिछली एक सदी के दौरान इस जगह पर रिएक्टर पैमाने पर 7 की तीव्रता वाले छह भूकंप आ चुके हैं। इनमें से 7.8 तीव्रता वाला भूकंप 1958 में अलास्का की लिटूया खाड़ी के पास आया था। यह इतना जबर्दस्त था कि इस दौरान धरती की पर्तें हिलने पर पानी 1,720 फीट ऊपर उछला था। यूएसजीसी के अनुसार- भूचाल के कारण पानी का इतनी ऊंचाई तक उठना विश्व रिकॉर्ड है।
शुक्रवार को आए भूकंप में भी कई ऐसी चीजें देखने को मिलीं।
दरअसल, कैलिफोर्निया मे आए भूकंप पर मीडिया की ज्यादा नजर रहती है। क्योंकि जनसंख्या के हिसाब से यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। बालडविन के अनुसार- एंकोरेज की जनसंख्या तीन लाख के आसपास है। बालडविन के अनुसार- इस क्षेम में 2017 में लगातार 70 भूकंप का सामना करना पड़ा। इन सबकी रिएक्टर पैमाने पर तीव्रता 4 के आस-पास रही।
Published on:
01 Dec 2018 08:53 pm
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