#MosqueMeToo: हज यात्रा पर महिलाओं के साथ हुआ यौन शोषण, पीड़िताओं ने बताई आपबीती

#MosqueMeToo: हज यात्रा पर महिलाओं के साथ हुआ यौन शोषण, पीड़िताओं ने बताई आपबीती

Kapil Tiwari | Publish: Feb, 15 2018 02:48:34 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 03:31:42 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

#MosqueMeToo पर महिलाएं अपने साथ किसी धार्मिक स्थल पर हुए यौन शोषण की घटना को साझा कर रही हैं।

नई दिल्ली: यौन शोषण के खिलाफ हाल ही में सोशल मीडिया पर #MeToo के नाम से एक कैंपेन चला था, जिसमें दुनिया भर से महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन शोषण की घटनाएं सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। इस कैंपेन की सफलता के बाद अब सोशल मीडिया पर एक और कैंपेन शुरु हुआ है, जिसमें महिलाएं धार्मिक स्थलों पर अपने साथ होने वाले यौन शोषण की आपबीती को साझा कर रही हैं। सोशल मीडिया पर ये अभियान #MosqueMeToo के नाम से चल रहा है।

हज यात्रा पर यौऩ शोषण की बात आई सामने
इस अभियान में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। कुछ महिलाओं की आपबीती तो सुर्खियों में आ गई है, जैसे कि मॉना ट्हावी नाम की एक महिला का ट्वीट इस अभियान की सुर्खियां बन गया है। इस अभियान की शुरुआत करते हुए मॉना ने ट्वीट कर बताया है कि उन्हें एक मुस्लिम महिला ने अपनी मां के साथ हज यात्रा के दौरान हुए यौन शोषण की जानकारी दी है। मॉना ने बताया है कि उस महिला ने मुझे एक कविता के जरिए अपने यौन शोषण के अनुभव को मुझ से साझा किया है।

मॉना 2013 में हज यात्रा पर हुईं थीं यौन शोषण की शिकार
आपको बता दें कि खुद मॉना साल 2013 में यौन शोषण का शिकार हुई थीं, जब 11 साल की थी और ये यौन उत्पीड़न उनके साथ हज यात्रा के दौरान हुआ था। बाद में मॉना ने अपने एक ट्वीट में लिखा, "एक मुस्लिम महिला ने मेरी घटना पढ़ने के बाद उनकी मां के साथ हुआ यौन शोषण का अनुभव मुझे बताया, उन्होंने मुझे कविता भी भेजी। उन्हें जवाब देते वक्त मैं खुद को रोने से रोक नहीं पाई।''

मक्का मदीना की पवित्रता पर लोग खड़े कर रहे हैं सवाल
मॉना के इस ट्वीट के बाद #MosqueMeToo पर महिलाएं धड़ाधड़ ट्वीट करने लगी और 24 घंटे के अंदर ही मॉना का वो ट्वीट 2000 बार रीट्वीट हो गया है। इस बीच एक यूजर एंग्गी लेगोरियो ने ट्विट किया, "मैंने #MosqueMeToo के बारे में पढ़ा। मेरे साथ भी साल 2010 में हज के दौरान बहुत कुछ भयावह हुआ था, वो यादें फिर से दिमाग में आ गई हैं। लोग सोचते हैं कि मक्का मुस्लिमों के लिए एक पवित्र जगह इसलिए वहां कोई कुछ गलत नहीं करेगा। लेकिन ऐसा नहीं है। ट्विटर पर अपनी आपबीती शेयर करने वाली महिलाएं लगातार बता रही हैं कि उन्हें भीड़ में ग़लत तरीके से छुआ गया और पकड़ने की कोशिश की गई।

जहां पूरी तरह ढकी रहती हैं महिलाएं, फिर भी सेफ नहीं
#MosqueMeToo के समर्थकों का कहना है कि ऐसी पवित्र जगहों पर भी जहां महिलाएं पूरी तरह ढकी होती हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार हो सकता है। यूजर 'हनन' ने ट्विट किया, "मेरी बहनों ने इस माहौल में यौन शोषण झेला है जो वो अपने लिए सुरक्षित मानती थीं, भयानक लोग पवित्र स्थानों पर भी होते हैं। एक मुस्लिम के तौर पर हमें अन्याय झेल रही अपनी बहनों का साथ देना चाहिए।"

अजमेर दरगाह पर भी यौन शोषण का शिकार हुई महिला
सोशल मीडिया पर उरूज बानो नाम की एक लड़की ने भी अपनी आपबीती साझा की है, जिसमें उसने बताया है कि वो एक बार अजमेर शरीफ दरगाह पर भी यौन शोषण का शिकार हुई थी। उरूज बानो ने बताया है कि मैं अजमेर दरगाह के अंदर जाने के लिए भीड़ में खड़ी थी, तभी मेरे पीछे खड़े तीन लड़कों में से एक ने दूसरे से कहा कि इस लड़की को पीछे से हाथ लगा। उरूज बानो ने ट्वीट में आगे लिखा है कि मैं उस वक्त 15 साल की थी। उस समय मेरे साथ मेरे मां-बाप भी थे। शर्म की वजह से मैं किसी को अपनी आपबीती नहीं बता सकी। मैं बिना आंसूओं के रो रही थी।"

 

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