पत्रिका इम्पैक्ट: दसवीं में फेल और इंटर में पास मामला, स्कूल संचालक को हटाया,रद्द हो सकती है मान्यता

शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में की गई प्राथमिक जांच के आधार पर कालेज प्रशासन को मामले के लिए दोषी ठहराया है।

By: jai prakash

Published: 09 Feb 2018, 06:24 PM IST

मुरादाबाद: जनपद में एक बार फिर पत्रिका की खबर का असर देखने को मिला है। दरअसल दो दिन पहले हाईस्कूल फेल छात्रा द्वारा इंटर पास किये जाने की खबर पत्रिका पर प्रमुखता से चलाये जाने के बाद अब शिक्षा विभाग की कुम्भकर्णी नीद टूटी है। पत्रिका की खबर के बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में की गई प्राथमिक जांच के आधार पर कालेज प्रशासन को मामले के लिए दोषी ठहराया है। बिलारी क्षेत्र स्थित जीएसए इंटर कालेज गवालखेड़ा में सामने आए मामले के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में थी।

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2015 में हाईस्कूल की फेल छात्रा शिखा को कालेज प्रशासन ने ना सिर्फ इंटर में दाखिला दिलवाया बल्कि उसको इंटर की परीक्षा में भी शामिल करवा दिया था। शिखा ने वर्ष 2017 में इंटर की परीक्षा पास की लेकिन कालेज ने उसको हाईस्कूल परीक्षा का अंक पत्र नःही दिया था। प्राथमिक जांच के बाद कालेज प्रबंधक को बोर्ड परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। साथ ही प्रधानाचार्यो की एक कमेटी को मामले की जांच सौप दी गयी है। डीआईओएस प्रदीप कुमार द्वेदी ने जांच कमेटी को जल्द जांच रिपोर्ट देने को कहा है। डीआईओएस के मुताबिक कालेज की मान्यता समाप्त करने पर जांच रिपोर्ट के बाद फैसला लिया जाएगा।

 

 

 

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यहां बता दें की ऐन बोर्ड परीक्षा से पहले बिलारी इलाके में ये मामला सामने आया था। जब बीए की परीक्षा का फ़ार्म भरने के लिए छात्रा स्कूल संचालक के पास गयी तो उसे पता चला की वो तो हाई स्कूल में फेल है। जबकि उसे इंटर में पास किया गया है। विभाग पर सवाल इसलिए भी उठ रहे थे क्यूंकि अब सारा काम जब ऑनलाइन होता है तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गयी । वहीँ अंदरखाने इसके पीछे नक़ल माफियाओं के खेल की बात आ रही है। जो हाई स्कूल से लेकर इंटर बोर्ड एग्जाम पास कराने का ठेका लेते हैं। इसके साथ ही इस स्कूल के दूसरे रिकॉर्ड भी जांचने की बात की जा रही है।

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